जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: राज्यसभा में सोमवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2015 की पाकिस्तान यात्रा, पहलगाम आतंकी हमला, और सरकार की प्रतिक्रिया को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने केंद्र पर “घमंड” और “उत्तर देने से बचने” का आरोप लगाया।
खरगे का तंज –’आप इधर निंदा करते हैं, उधर जाकर गले लगते हैं’
खरगे ने पीएम मोदी की 2015 की औचक पाकिस्तान यात्रा पर तंज कसते हुए कहा, “हम पाकिस्तान की निंदा करते रहे हैं, लेकिन आप वहीं जाकर गले लगते हैं और दावत करते हैं। फिर दूसरों को राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाते हैं। ये दोगलापन नहीं चलेगा।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और सत्ताधारी दल को हर समय नेहरू की आलोचना करने की आदत हो गई है, लेकिन उनके पास खुद दिखाने को कोई ठोस राष्ट्रीय सुरक्षा उपलब्धि नहीं है।
‘अगर सुरक्षा ट्रिपल थी, तो आतंकी कहां से आए?’
22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले को लेकर भी खरगे ने सरकार से कई तीखे सवाल किए। उन्होंने कहा, “गृह मंत्री कह रहे थे कि कश्मीर में सुरक्षा ‘ट्रिपल’ कर दी गई है। अगर ऐसा है, तो आतंकी पहलगाम में कैसे घुसे?” उन्होंने यह भी पूछा कि प्रधानमंत्री ने हमले से तीन दिन पहले अपना कश्मीर दौरा रद्द क्यों किया? “क्या सरकार को पहले से हमले की कोई खुफिया जानकारी थी?” — यह सवाल उन्होंने पहले भी उठाया था, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।
‘राहुल गांधी की मांग पर विशेष सत्र क्यों नहीं बुलाया गया?’
खरगे ने बताया कि राहुल गांधी ने पहलगाम हमले के बाद विशेष सत्र बुलाने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। “1962 में जब भारत-चीन युद्ध हो रहा था, तब संसद का विशेष सत्र बुलाया गया था। उस समय के प्रधानमंत्री ने कहा था कि देश की जनता को सच्चाई पता होनी चाहिए। अब आप इससे भाग रहे हैं।”
‘प्रधानमंत्री जवाब नहीं देते, लेकिन प्रचार के लिए तैयार रहते हैं’
खरगे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री हमले के बाद देश को संबोधित करने या संसद में आने की बजाय बिहार में चुनाव प्रचार में जुटे रहे। उन्होंने कहा, “24 अप्रैल को सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई, लेकिन उसमें भी प्रधानमंत्री नहीं आए। सऊदी अरब से लौटे और सीधे बिहार चुनाव में जुट गए। क्या यही राष्ट्रीय सुरक्षा पर आपकी गंभीरता है?”
विपक्ष का आरोप –‘सरकार अहंकार में चूर’
खरगे ने सरकार को ‘अहंकार में चूर’ बताते हुए कहा कि सरकार सवालों का जवाब देने से बच रही है। आपके पास देश को जवाब देने का वक्त नहीं है, लेकिन लोगों को गले पड़ने का वक्त जरूर है।”

