जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश में चार महीने से जारी सूखे का दौर भारी बर्फबारी और बारिश के साथ खत्म हो गया है। मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के बीच शुक्रवार को प्रदेश के कई इलाकों में बर्फबारी हुई। शिमला, मनाली, डलहौजी, और चायल जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सीजन का पहला हिमपात हुआ। वहीं, हिमाचल के निचले इलाकों में भारी बारिश के साथ कई स्थानों पर ओले भी गिरे।
सड़कें बंद, पर्यटक फंसे
बर्फबारी और बारिश के कारण प्रदेश के पांच नेशनल हाईवे समेत 563 सड़कें बंद हो गई हैं। शिमला और आसपास के कई इलाकों का संपर्क टूट गया है, और हजारों पर्यटक फंसे हुए हैं। कुफरी-फागू से 100 और आनी के रघुपुरगढ़ से 48 पर्यटकों को रेस्क्यू किया गया है। प्रदेश में 10,384 ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं, जिससे सैकड़ों गांवों में बिजली सप्लाई प्रभावित हुई है। हालांकि, बारिश और बर्फबारी से फसलों को संजीवनी मिली है, और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बर्फबारी से बढ़ी मुश्किलें
शिमला, मंडी, कुल्लू, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और चंबा के कई क्षेत्रों में दिनभर बर्फबारी का दौर जारी रहा। शिमला और लाहौल-स्पीति में बर्फीला तूफान भी चला। इस तूफान के चलते शिमला में पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। राजधानी की सड़कों पर सैकड़ों पर्यटक वाहन घंटों बर्फ में फंसे रहे। आनी-कुल्लू, शिमला-किन्नौर, मनाली-लेह, हाटकोटी-पांवटा साहिब और चंबा-भरमौर एनएच समेत सैकड़ों सड़कें बंद हो जाने से परिवहन सेवाएं भी ठप हो गईं। दूध, ब्रेड और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति में भी बाधा आई।
हवाई और ट्रेन सेवाएं प्रभावित
खराब मौसम के कारण शुक्रवार को कांगड़ा, कुल्लू और शिमला हवाई अड्डों पर उड़ानें रद्द हो गईं। कालका-शिमला ट्रैक पर पेड़ गिरने से तीन से चार घंटे तक ट्रेन सेवाएं बाधित रहीं। चौहार घाटी और छोटा भंगाल के सभी गांवों में 2 से 20 सेंटीमीटर तक बर्फबारी रिकॉर्ड की गई। चंबा जिले के पांगी में एक से डेढ़ फीट बर्फबारी हुई, जबकि लाहौल का संपर्क कुल्लू से कट गया है। तेज हवाओं से भरमौर की गाण, सुनारा और छतराड़ी पंचायतों में 12 मकानों की छतें उड़ गईं।
प्रदेशभर में बिजली संकट और सड़कों की बहाली में जुटे अधिकारी
शिमला समेत अन्य स्थानों पर प्रशासन ने बर्फ हटाने के लिए मशीनरी तैनात की है। लोक निर्माण विभाग और विद्युत बोर्ड की टीमें सड़क बहाली और बिजली आपूर्ति को फिर से सुचारु बनाने में जुटी हैं। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा न करने और मौसम विभाग की चेतावनी का पालन करने की अपील की है।
कुल्लू और लाहौल के ऊंचाई वाले इलाकों में अलर्ट
लगातार हो रही भारी बर्फबारी के कारण कुल्लू और लाहौल में हिमस्खलन का खतरा बढ़ गया है। अगले 24 घंटों में 2,200 मीटर से ऊंचे इलाकों में हिमखंड गिरने की संभावना जताई गई है। मनाली-लेह मार्ग, अटल टनल रोहतांग, और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में हिमस्खलन की चेतावनी दी गई है। कुल्लू के एडीसी अश्वनी कुमार ने जिलावासियों से बर्फीले और संवेदनशील इलाकों में न जाने की सलाह दी है।
शनिवार और रविवार को हल्की बर्फबारी
हिमाचल प्रदेश में शनिवार और रविवार को हल्की बर्फबारी और बारिश की संभावना है। 26 जनवरी से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण 27 जनवरी को प्रदेश के उच्च और मध्य पर्वतीय जिलों में भारी बर्फबारी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। शिमला, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, चंबा, कुल्लू, और मंडी जैसे जिलों में बारिश और बर्फबारी के आसार हैं, जबकि अन्य मैदानी क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहेगा।
शिमला में तीन साल बाद बर्फबारी का रिकॉर्ड
शिमला में शुक्रवार को तीन साल बाद जनवरी के दौरान एक दिन में पूरे महीने की बर्फबारी रिकॉर्ड की गई। शिमला में 25.3 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई, जबकि पिछले कुछ सालों में जनवरी में इतनी बर्फबारी नहीं हुई थी। इस बार सीजन की पहली बर्फबारी 20 सेंटीमीटर रही, जिससे शिमला के तापमान में गिरावट आई और शहर में बर्फबारी का आनंद लेने वाले पर्यटकों की संख्या भी बढ़ी।
हिमाचल में बर्फबारी और बारिश से हुई चार मौतें
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बर्फबारी के कारण चार लोगों की जान चली गई। प्रीणी से मनाली के लिए रेफर ऊना निवासी मरीज की जाम में फंसने से मौत हो गई। कांगड़ा के डमटाल में एक व्यक्ति की ठंड से मौत का अंदेशा है, जबकि सोलन में 15 वर्षीय किशोरी चट्टान के नीचे दबकर मारी गई। मंडी में एक हाइवा खड्ड में गिरने से ट्रक चालक की मौत हो गई।
चट्टान गिरने से सोलन में एक और जीवन छिन गया
सोलन जिले के गोल गांव में 15 वर्षीय किशोरी हिमानी की मौत हो गई। वह अपनी बहन के साथ दूध लेकर गांव जा रही थी, तभी एक चट्टान पहाड़ी से गिरकर उस पर गिर गई। घटना के बाद लोगों ने चट्टान हटाने की कोशिश की, लेकिन तब तक किशोरी की जान जा चुकी थी।
भरमाणी माता मंदिर के पास दो युवक गायब
भरमौर में दो युवक लापता हो गए हैं, जो भरमाणी माता मंदिर गए थे। इनकी तलाश जारी है, और प्रशासन ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है। यह घटनाएं हिमाचल प्रदेश में इस समय भारी बर्फबारी और बारिश के कारण उत्पन्न हुई मुश्किलों को दर्शाती हैं, जिसमें प्रशासन, बचाव दल और स्थानीय लोग अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं।

