Monday, March 23, 2026
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गोकशों के निशाने पर चल रहा निराश्रित गोवंश

  • सड़कों से होने लगा विलुप्त

जनवाणी संवाददाता |

फलावदा: प्रदेश सरकार द्वारा भले ही गो संरक्षण के लिए गोशालाओं के निर्माण कराए जा रहे हो, लेकिन गोवंश का संरक्षण सिर्फ कागजो में ही चल रहा है। सड़कों व खेतों में घूमने वाला निराश्रित गोवंश गोकशों के गैंग का निशाना बन रहा है। शासन द्वारा गोवंश संरक्षण के लिए तमाम कवायद की जा रही है। सरकार द्वारा मोटी रकम खर्च कर जगह जगह गोशालाओं के निर्माण कराए गए हैं। फिर भी गोवंश खेत खलिहानों में निराश्रित घूमता रहता है। गो संरक्षण को लेकर सरकारी नुमाइंदों की उदासीनता का फायदा गो तस्कर उठा रहे हैं।

सूत्र बताते हैं कि थाना क्षेत्र में सक्रिय चल रहा गैंग जंगलों में गोवंश को लगातार निशाना बना रहा है। आए दिन गोकशी की घटनाएं हो रही है, लेकिन पिछले दिनों महज दो घटनाएं ही प्रकाश में आई है। पुलिस द्वारा इन घटनाओं को छिपाने की नीति अपनाये जाने से गोकशों के हौसले इतने बुलंद हुए की रात को गाड़ियों से गोवंश उठाया जाने लगा है। नतीजतन जगह जगह सड़कों पर नजर आने वाला गोवंश धीरे-धीरे विलुप्त होने लगा है। बताते है कि फलावदा क्षेत्र में सक्रिय गैंग में शहर व आसपास के इलाके के गोकश भी शामिल हैं।

काफी दिनों से यह गैंग गैंग मेरठ से लेकर दिल्ली तक होटलो में मृत पशुओं के साथ गो मांस की सप्लाई करता आ रहा है। कई बार नगर व देहात में गोमांस खरीद फरोख्त के मामले भी सामने आ चुके हैं। हाल ही में बातनौर गांव में सांड को निशाना बनाने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद जेल भेजा, लेकिन अन्य गोकश पुलिस की पकड़ से दूर चल रहे हैं। सरकारी तंत्र की उदासीनता गो संरक्षण के लिए चुनौती बन रही है।

कुर्सी हिलने के भय से होती है सिर्फ लीपापोती

गोकशी पर विराम लगाने के लिए शासन के सख्त निर्देश पुलिस के लिए चुनौती बन रहे हैं। गोकशी की घटना होने पर गाज गिरने के भय से अपराध पंजीकरण करके केस वर्क आउट करने के बजाय घटनाओं पर लीपापोती पर ऊर्जा लगाई जाती है। पिछले दिनों थाना क्षेत्र के गांव गड़ीना के जंगल से पीआरवी पर सूचना के बाद गोकशी का मामला पकड़ में आया, लेकिन पुलिस मामले पर लीपापोती करने के लिए आरोपियों को शांतिभंग की आशंका में गिरफ्तार दिखाने के लिए फर्द बनाने लगी। गिरफ्तारी में शामिल सिपाहियों द्वारा हाथ खड़े किए जाने पर थाने में मजबूरन गोकशी का मुकदमा लिखा गया था। पुलिस की कार्यशैली गोकशों के लिए वरदान बन रही है।

नरहेड़ा गांव में गोकशी, हिंदू संगठनों का हंगामा

मेरठ: लोहियानगर थाना क्षेत्र में गोकशी रुकने का नाम नहीं ले रही है। नरहेड़ा गांव के जंगल में पांच गोवंश के अवशेष पड़े मिले। जिसके चलते क्षेत्र में खलबली मच गई। आसपास के लोगों के साथ हिंदू संगठन के नेता सचिन सिरोही ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गोकशी करने वालों की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि पुलिस गोकशों को गिरफ्तार करने में विफल साबित हो रही है। गोकश लगातार गोकशी कर रहे हैं। पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है।

रविवार सुबह लोहिया नगर थाना क्षेत्र के नरहेड़ा के जगंल में कई गोवंश के अवशेष पड़े मिले। गांव के जगंल में गोकशी की सूचना पर काफी संख्या में ग्रामीण जंगल में पहुंचे। हिंदू संगठन के नेता सचिन सिरोही मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी। कुछ ही देर में लोहिया नगर व लिसाड़ी गेट पुलिस पहुंची। ग्रामीणों ने पुलिस का घेराव करते हुए जमकर नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की संरक्षण में गोकशी हो रही है। पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है।

पुलिस ने ग्रामीणों को आश्वासन देकर गोवंश के अवशेष को उठाकर मिट्टी में दबाया। अज्ञात में गोकशी करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। लोहिया नगर पुलिस का कहना है कि अज्ञात में मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी है। सचिन सिरोही ने बताया कि वह इस संबंध में सीएम योगी से मिलने का प्रयास करेंगे। मेरठ में जारी गोकशी की घटनाओं से अवगत कराएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मेरठ में गोवंश की दुर्दशा है और अफसर कुछ कर नहीं रहे हैं।

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