जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती के अवसर पर महाराष्ट्र के शिवनेरी किला में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देर रात से ही लोग शिवाजी महाराज के जन्मस्थान के दर्शन के लिए पहुंचने लगे थे। भीड़ बढ़ने के बीच अफरा-तफरी जैसे हालात बन गए, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत कई लोग घायल हो गए।
देर रात से जुटने लगी थी भीड़
शिवजयंती के अवसर पर जुन्नर तालुका स्थित किले में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। सुबह होते-होते संकरे रास्तों पर अत्यधिक भीड़ जमा हो गई। अंबरखाना के नीचे स्थित हाथी दरवाजा और गणेश दरवाजा जैसे मार्गों पर अचानक भीड़ बढ़ने से अव्यवस्था फैल गई।
पर्याप्त पुलिस बल न होने से बिगड़े हालात
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए पर्याप्त पुलिस बल मौजूद नहीं था, जिसके चलते हालात नियंत्रण से बाहर हो गए। पुलिसकर्मियों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन लोगों की संख्या अधिक होने के कारण कई श्रद्धालु गिर पड़े और घायल हो गए।
प्रशासन की तैयारियों पर सवाल
#WATCH | Pune, Maharashtra | Pune Rural SP Sandeep Singh Gill says, “…If you look at the Shiv Janmasthan here, on top of the Shivneri Fort in Junnar, a large number of people have been coming here for darshan since yesterday morning and darshan continued throughout the… pic.twitter.com/wF93kbuwVT
— ANI (@ANI) February 19, 2026
हर वर्ष शिवजयंती पर बड़ी संख्या में लोग शिवनेरी किले पहुंचते हैं। इसके बावजूद भीड़ प्रबंधन को लेकर पर्याप्त इंतजाम न होने पर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए सुरक्षा घेरा, प्रवेश-निकास की अलग व्यवस्था और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जानी चाहिए।
पुलिस ने भगदड़ से किया इनकार
इस मामले पर संदीप सिंह गिल, पुणे ग्रामीण एसपी, ने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे थे और रातभर दर्शन जारी रहे। उनके अनुसार, एक श्रद्धालु के फिसलने से कुछ लोग सीढ़ियों पर गिर गए, जिसमें तीन लोग घायल हुए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भगदड़ जैसी कोई घटना नहीं हुई। फिलहाल घायलों का इलाज जारी है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।

