
कोई कह सकता है कि राज जाने का मतलब, किसी व्यक्ति या दल का सरकार से हट जाना हो है। आजकल प्रयास भी यही चल रहा है। देश का एक बड़ा वर्ग एकजुट हो रहा है। राजनीतिक दल एकजुट हो रहे हैं। नागरिक संगठनों में एकजुट होने की कोशिश कर रहे हैं। लोग भी दलों में खड़े हैं और सर्व समुदाय के लिए काम करने वाले सामाजिक संगठन भी। पत्रकारों में भी लामबंदी नजर आ रही है। यह सारी लामबंदी एक ही सूत्र पर आधारित है कि 2024 में मोदी को सत्ता से हटाना है। क्या वोट ही राजरोग दूर करने का एकमात्र औजार है?