Saturday, March 14, 2026
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आगरा की सेंट्रल जेल शिफ्ट होंगे इजलाल और शीबा

  • आजीवन कारावास की सजा पाने वाले बंदियों को सेंट्रल जेल में रहकर काटनी पड़ती है सजा

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: दिल को दहला देने वाले कोतवाली के गुदड़ी के बहुचर्चित तिहरे हत्याकांड में दोषी साबित हुए हाजी इजलाल व शीबा सिरोही आगरा की सेंट्रल जेल शिफ्ट होंगे। दरअसल, यह नियम है कि आजीवन कारावास की सजा पाने वाले बंदियों को सेंट्रल जेल में रहकर सजा काटनी पड़ती है। जानकारों का कहना है कि जेल मेनुअल में इसका स्पष्ट उल्लेख किया गया है। तिहरे हत्याकांड में मजबूत पैरवी करा इजलाल व शीबा सिरोही समेत कसूरवार ठहराए गए सभी 10 को आजीवन कारावास की सजा दिलाने वाले सरकारी वकील सर्वेश शर्मा ने बताया कि सजा पाने वाले सेंट्रल जेल में रखे जाते हैं।

यदि विशेष परिस्थितियां ना हो तो उन्हें तत्काल सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया जाता है। हालांकि यह निर्णय कि कौन कहां किस जेल में रहेगा, शासन स्तर से किया जाता है। स्थानीय जेल में सजायाफ्ता तभी रखे जाते हैं, जब उनके खिलाफ कोई दूसरे मामला कोर्ट में चल रहा है। जहां तक तिहरे हत्याकांड के सजा याफ्ता इजलाल व शीबा सिरोही की बात है, इनके खिलाफ किसी अन्य जेल में कोई मामला नहीं चल रहा है।

बैरक बदली

वहीं, दूसरी ओर तिहरे हत्याकांड के सभी सजा पाने वालों को जिला कारागार की मुलाहजा जेल से दूसरी बैरक में शिफ्ट कर दिए जाने की जानकारी मिली है। यह भी जानकारी मिली है कि आजीवन कारवास की सजा पाने वाले जिस बैरक में रखे गए हैं। उसी बैरक में इन्हें भी शिफ्ट कर दिया गया है। शीबा सिरोही को महिला बैरक में रखा गया है।

इजलाल समेत सभी दोषियों की सजा बढ़वाने को रिवीजन की तैयारी

सुनील ढाका, पुनीत उज्जवल व सुधीर गिरी की निर्मम हत्या में आजीवन कारावास की सजा को सरकारी वकील व पीड़ित पक्ष नाकाफी मानते हैं। इस मामले में कसूरवार ठहराए गए इजलाल और शीबा सिरोही समेत सभी 10 की सजा को बढ़वाने के लिए हाईकोर्ट में रिवीजन दायर किया जाएगा। हालांकि इसमें अभी कुछ वक्त लग सकता है, लेकिन रिवीजन दायर करने के लिए जो होमवर्क किया जाना है,

वो जरूर शुरू कर दिया गया है। शहर के कोतवाली थाना के गुदड़ी बाजार स्थित एक मकान में 22 मई 2008 को सुनील ढाका, पुनीत उज्जवल व सुधीर गिरी निर्मम हत्या कर दी गयी थी। घटना में कुल 14 लोग आरोपी बनाए गए थे। आरोपियों में से दो माजिद व इसरार की मौत हो चुकी है। एक आरोपी परवेज जुवेनाइल कोर्ट से पहले ही रिहा हो चुका है, केवल आरोपी शमी ऐसा बचा है जिसका कसूर तय होने के बाद सजा का एलान किया जाना है।

आजीवन कारावास से बड़ी सजा का प्रयास

इस मामले के सरकारी वकील सर्वेश शर्मा ने बताया कि कोतवाली के गुदड़ी बाजार का तिहरा हत्या कांड रेयर टू रेयरेस्ट की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि उम्मीद की जा रही थी कि बड़ी सजा दी जाएगी। जो निर्णय अदालत ने सुनाया है, उसका स्वागत है। उस पर कोई टिप्पणी नहीं, लेकिन उनका प्रयास है कि सभी हत्यारोपियों को आजीवन कारावास से बढ़कर भी जो सजा हो सकती है। वो दी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि इजजाल व शीबा सिरोही समेत सभी 10 पर सजा बढ़वाने के प्रयास कर रहे हैं। सर्वेश शर्मा ने जानकारी दी कि अदालत के 187 पेजों के आदेश का अध्ययन किया जा रहा है। उसके बाद निश्चित रूप से हाईकोर्ट में पिटिशन दायर की जाएगी।

तिहरा हत्याकांड: गवाही के लिए नहीं पहुंचे डाक्टर

शहर के बहुचर्चित तिहरे हत्याकांड में एक अन्य आरोपी शमी के ट्रायल में गवाही को बुलाए गए सरकारी डॉक्टर कोर्ट में हाजिर नहीं हुए, जिसकी वजह से बुधवार को गवाही नहीं हो सकी। तिहरे हत्याकांड में हाजी इजलाल और शीबा सिराही समेत अदालत द्वारा 10 को कसूरवार ठहराए जाने के बाद आजीवन कारावास की सजा सुनाकर अदालत इनको जेल भेज चुकी है। इनमें इजलाल कुरैशी पुत्र इकबाल, अफजाल पुत्र इकबाल, महराज पुत्र मेहताब, कल्लू उर्फ कलुआ पुत्र हाजी अमानत, इजहार, मुन्नू ड्राइवर उर्फ देवेंद्र आहूजा पुत्र विजय, वसीम पुत्र नसरुद्दीन, रिजवान पुत्र उस्मान और बदरुद्दीन पुत्र इलाहीबख्श और शीबा सिरोही पर लगाए गए आरोपों को सही मानते हुए दोषी करार दिया। दो आरोपी इसरार और माजिद की मौत हो चुकी है।

एक अन्य आरोपी जो बाद में शमी जो बाद में पकड़ा गया था, उसका अभी ट्रायल चल रहा है जबकि इस पूरे कांड में मुख्य आरोपी माने जा रहे इजलाल का भाई परवेज जुवेनाइल कोर्ट से रिहा हो गया था। शमी जेल में है, उसका ट्रायल चल रहा है। इस कांड के सरकारी वकील सर्वेश शर्मा ने जानकारी दी कि शमी के मामले में सरकारी डाक्टरों को अदालत ने गवाही के लिए समन भेजे थे, लेकिन किन्हीं कारणों के चलते वो अदालत में पेश नहीं हो सके।

शमी को भी मिले कठोर सजा

वहीं, दूसरी ओर पीड़ित परिवारों का प्रयास है कि तिहरे हत्याकांड में देर से पकड़े गए शमी को भी कठोर सजा मिले वो यही चाहते हैं। इसके लिए जो कुछ भी बन पडेÞगा, किया जाएगा। उनका कहना है कि तिहरे हत्याकांड में अदालत ने सभी को बराबर का कसूरवार माना है, उस नजरिये से शमी किसी प्रकार की रियायत का हकदार नहीं। उसकी सजा बढ़ायी जाएगी, ऐसी उम्मीद करते हैं, लेकिन इजलाल व शीबा सिरोही समेत दस को जो सजा दी जा चुकी है उससे कम सजा तो ट्रायल का सामना कर रहे शमी को नहीं मिलेगी। उम्मीद तो यह है कि ज्यादा बड़ी सजा दी जाए।

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