Saturday, February 21, 2026
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लल्लापुरा में कट रही अवैध कॉलोनी, कौन करेगा कार्रवाई ?

  • भोला रोड पर भी अवैध कॉलोनी में की जा रही है प्लॉटिंग

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: एमडीए के आठ कर्मचारियों पर अवैध निर्माण के सवाल पर गाज गिर चुकी हैं, मगर इसके बाद भी अवैध निर्माण क्यों नहीं रुक पा रहे हैं। मकानों के निर्माण तो छोटा निर्माण हैं, लेकिन बड़ी-बड़ी कॉलोनियां किसकी शह पर विकसित की जा रही है। लल्लापुरा, भोला रोड पर अवैध तरीके से कॉलोनी में प्लॉटिंग की जा रही है। एक-दो नहीं, बल्कि व्यापक स्तर पर ये काम चल रहा है। इसके लिए जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई हो पाएगी? अवैध रूप से विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों पर क्या बुलडोजर चल पाएगा?

 

एनएच-58 से सटा है लल्लापुरा गांव। यहां पर श्रवण गुप्ता नामक बिल्डर अवैध तरीके से कॉलोनी विकसित कर रहा है। इसकी शिकायत मनोज आर्य ने शुक्रवार को एमडीए में दी हैं। प्राधिकरण सचिव ने इस मामले में संबंधित जोन अधिकारी को कार्रवाई करने के आदेश दिये हैं। करीब 15 बीघा जमीन की घेराबंदी कर इसमें प्लॉटिंग की जा रही है।

बताया गया कि यह जमीन किसान की पैतृक बतायी गयी है, जिसमें किसान ने खुद ही प्लॉटिंग कर कॉलोनी विकसित करनी आरंभ कर दी हैं। मिट्टी का भराव कर रास्ते बनाये जा रहे हैं। साथ ही प्लॉटिंग भी की जा रही है। इसका तलपट मानचित्र एमडीए से स्वीकृत नहीं कराया गया हैं।

यदि इस पर एमडीए ने समय रहते रोक नहीं लगाई तो फिर एक और अवैध कॉलोनी सूची में दर्ज हो जाएगी। यहां सुविधा तो दी नहीं जाती, फिर भोले-भाले लोगों को ख्वाब दिखाकर प्लॉट बेच दिये जाते हैं। प्लॉट खरीदने वालों को फिर एमडीए नोटिस भेजकर ध्वस्तीकरण की धमकी देता रहता हैं।

यही नहीं, भोला रोड पर भी वर्तमान में अवैध कॉलोनी काटी जा रही है। यहां भी तेजी के साथ अवैध कॉलोनी का काम चल रहा है, जिस पर एमडीए अधिकारियों की निगाहें क्यों नहीं जा रही है? आखिर इसके लिए जवाबदेही किसकी हैं? जब कॉलोनी विकसित कर दी जाती है, उसके बाद ही अधिकारियों की निगाहें इस पर जाती है।

इसके बाद ही एमडीए अधिकारी विभागीय अधीनस्थ अफसरों पर कार्रवाई करते हैं। रोहटा रोड पर बाइपास से बड़ौत की तरफ चलते ही कई अवैध कॉलोनियों में प्लॉटिंग की जा रही हैं। इसमें भी एमडीए की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

बद्दो की कोठी ध्वस्तीकरण में पेंच, दो लोगों के नाम है मकान

ढाई लाख के इनामी बदमाश बदन सिंह बद्दो की कोठी ध्वस्तीकरण में पेंच फस गया है। जिस कोठी को ध्वस्तीकरण की सुनवाई कमिश्नर की अदालत में चल रही हैं, उसमें बद्दो के अधिवक्ता ने दो बैनामे लगा दिये हैं। मकान बद्दो की भाभी के नाम ही नहीं, बल्कि उनकी पत्नी जसमीन सिंधू के नाम भी है। अब इसकी जांच के बाद ही सही तथ्य सामने आ सकता है।

इस दौरान ध्वस्तीकरण का मामला थोड़े समय के लिए लटक सकता है। दरअसल, मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने बदन सिंह बद्दो के मकान को ध्वस्त करने के आदेश कर रखे हैं। इन आदेशों के खिलाफ बद्दो के अधिवक्ता नितिन कौशिक ने कमिश्नर अनीता सी मेश्राम की अदालत में अपील की है।

सुनवाई के दौरान बद्दो के अधिवक्ता नहीं पहुंचे थे, लेकिन इसके बाद कमिश्नर की अदालत में दो बैनामे मकान के दस्तावेज के रूप में लगाये गए हैं। इससे यह तो साफ हो जाता है कि जमीन बद्दो की भाभी व पत्नी के नाम पर हैं, लेकिन निर्माण तो अवैध है। मामला अवैध निर्माण का हैं। अब इसमें पेंच फस सकता हैं,लेकिन सुनवाई के दौरान यह सब क्लीयर हो पाएगा।

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