Monday, April 28, 2025
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सील हटाकर अवैध निर्माण, एफआईआर कराना भूले कैंट अफसर

  • सील के नाम पर सिर्फ किया जा रहा खेल, बाहर सील, अंदर अवैध निर्माण
  • करीब साल भर पहले लगायी थी कैंट के पांच अवैध निर्माणों पर सील

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कथित भूमाफियाओं द्वारा अवैध निर्माण करने के लिए हटाई गई सील को कैंट बोर्ड ने दोबार तो लगा दिया, लेकिन सील तोड़ने वालों के खिलाफ बजाय थाना सदर बाजार में एफआईआर हाथों में हथकड़ी डलवाने के आरोपी से हाथ मिलाकर आ गए।

पिछले साल माह जुलाई में तत्कालीन सीईओ कैंट के आदेश पर जिन पांच स्थानों पर सील लगाई गई थी। उन सभी स्थानों की सील तोड़कर अवैध निर्माण कर लिए गए। कुछ एक मामलों में सामने सील लगी रही और पीछे की साइड से अवैध निर्माण कर लिया।

ये है पूरा मामला

सदर के चैपल स्ट्रीट बंगला-177 में अवैध निर्माण के चलते पिछले साल माह जुलाई में तत्कालीन सीईओ कैंट प्रसाद चव्हाण के आदेश पर सील लगाई गई थी। साथ ही अवैध निर्माण को लेकर नोटिस भी जारी किए गए थे। बंगला-177 में बडे स्तर पर अवैध निर्माण किया जा रहा था। जनवाणी ने तब इस मामले को प्रमुखता से उजागर भी किया था। उसके बाद ही सीईओ कैंट के आदेश पर सील लगायी गयी थी।

मौके पर पकड़ा था अवैध निर्माण

प्रसाद चव्हाण ने निरीक्षण के दौरान उक्त सभी स्थानों पर मौके पर अवैध निर्माण होता पाया था। इसको लेकर उन्होंने स्टाफ को कड़ी फटकार भी लगायी थी। हालांकि ये बात अलग है कि इस लापरवाही को लेकर किसी पर गाज नहीं गिरी। मौके पर अवैध निर्माण मिलने के बाद सील के आदेश जारी किए थे और काम बंद कराकर भवन को सील कर दिया गया था।

हैरानी तो इस बात कि है कि सील की कार्रवाई करने वाले कैंट बोर्ड के स्टाफ ने दोबारा या तो जाकर नहीं देखा या फिर कुछ और वजह रही जो बाहर सील होने के बावजूद भीतर निर्माण जारी रहा। चैपल स्ट्रीट बंगला-177 में तो दबंगई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कैंट बोर्ड द्वारा लगायी गयी सील को हटाकर फेंक दिया गया। खुलेआम अवैध निर्माण जारी रहा। इस बंगल में निर्माण सामग्री ले जाने के कई अन्य भी रास्ते हैं। वहां से निर्माण सामग्री पहुंचायी गयी। ऐसा ही दूसरे मामलों जहां सील लगी है, वहां किया गया।

एफआईआर न किए जाने पर सवाल

आमतौर पर होता यह रहा है कि जब भी कहीं अवैध निर्माण खासतौर से सील के बाद भी अवैध निर्माण किए जाने की बात आती है तो कैंट बोर्ड की ओर से आरोपी के खिलाफ एफआईआर कराने की परंपरा रही है, लेकिन पता चला है कि चैपल स्ट्रीट 177 के मामले में बजाय एफआईआर कराकर हथकड़ी पहनाने के हाथ मिलाकर आ गए। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अवैध निर्माण के खिलाफ कितनी गंभीरता से काम किया जा रहा है। शायद यही कारण रहा जो पूर्व में भी लगाई गई सील के बाद भी इस स्थान पर इतना बड़ा अवैध निर्माण खड़ा कर लिया गया।

अन्य स्थान जहां लगी सील

  • चैपल स्ट्रीट बंगला 177 के अलावा जिन अन्य स्थानों पर सील की कार्रवाई की गई थी। उनमें इसी बंगले के दो हिस्सों को सील किया गया था। इनमें से एक अवैध निर्माण अंकुर बंसल और दूसरा अवैध निर्माण संजय अग्रवाल का बताया जा रहा है।
  • सदर कबाड़ी बाजार संपत्ति संख्या 259 आनंद जैन।
  • सदर कबाड़ी बाजार 279 प्रथम तल इख्तियार हसन की संपत्ति।

जनवाणी के नाम पर कांपते हैं हाथ

मामले में कैंट प्रशासन का रूख जानने के लिए जनवाणी संवाददाता ने जब ओएस व कैंट प्रशासन के प्रवक्ता जयपाल तोमर के सीयूजी पर काल की तो उन्होंने काल रिसीव नहीं की। ऐसा लगता है कि कैंट प्रशासन के प्रवक्ता के हाथ जनवाणी के सवालों पर कांपने लगते हैं। जिसकी वजह से वह काल रिसीव नहीं कर पाते।

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