- पुलिस ने की कोर्ट की अवहेलना, मायके पक्ष के लोगों ने सदर थाना पहुंचकर की शिकायत
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सदर थाना क्षेत्र भूसा मंडी से ससुरालियों ने पुत्रवधू को घर से निकाल दिया। मायके में रह रही पुत्रवधू ससुराल में रहने का कोर्ट का आर्डर लेकर पहुंची तो सदर पुलिस ने सभी को थाने से भगा दिया। सदर पुलिस ने कोर्ट के आर्डर को दरकिनार कर किसी तरह की कार्रवाई से इनकार कर दिया।
खुर्जा निवासी अंजुम का निकाह वर्ष 2017 में सदर थाना क्षेत्र भूसा मंडी निवासी शहजाद के साथ हुआ था। अंजुम का आरोप है कि निकाह के बाद से ही ससुराल में ससुर और पति लगातार उस पर दो लाख रुपये और एक कार की डिमांड करते थे। जिसके चलते एक दिन पति और ससुरालियों ने मारपीट कर उसे खुर्जा छोड़ आये। कई बार पति से ले जाने के लिए कहा गया तो उसने मना कर दिया।
अगस्त 21 वर्ष 2020 को ससुरालियों पर दहेज एक्ट और मारने पीटने का मुकदमा दर्ज हुआ। जिसके चलते कुछ समय बाद कोर्ट ने ससुरालियों को आदेश दिए कि पुत्रवधू अंजुम को एक कमरा और छह हजार रुपये मासिक भरण पोषण के लिए दिया जाये। वहीं सदर पुलिस को यह आदेश दिया गया कि अंजुम को उसके ससुराल में रहने के लिए व्यवस्था की जाए। शुक्रवार को खुर्जा निवासी अंजुम के पिता और अंजुम व परिवार के लोग सदर थाने पहुंचे और इंस्पेक्टर सदर देव सिंह रावत से मुलाकात कर कोर्ट का आदेश दिखाया।
इंस्पेक्टर ने कोर्ट के आदेश की प्रति को देखने से इनकार करते हुए उन्हें वहां से चलता कर दिया। अंजुम का कहना है कि वह अपने पति शहजाद के साथ रहना चाहती है। लेकिन ससुर और जेठ सहित अन्य लोग उसके पति को बहका कर उसके खिलाफ करते हैं। वह अपनी ससुराल मेंं रहना चाहती है। लेकिन वे लोग उसे घर में रहने नहीं देना चाहते हैं।
विवाहिता से मारपीट
मेरठ: लिसाड़ीगेट के श्यामनगर निवासी विवाहिता सानिया ने पति असिफ व ससुराल वालों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि पति का दूसरी महिला से अवैध संबंध है। 15 दिन पहले ही उसने एक बेटे को जन्म दिया। शादी के बाद से ससुराल मारपीट कर दहेज से मांग करते है। शुक्रवार को पीड़िता ने लिसाड़ीगेट थाने पहुंचकर पति और समुरालियों के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया है। उधर, लिसाड़ीगेट इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह का कहना है कि चौकी इंचार्ज को जांच कर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।

