- भीड़ ने उड़ाई कोविड-19 गाइड लाइन की धज्जियां
जनवाणी ब्यूरो |
शामली: नामांकन प्रक्रिया मंगलवार से प्रारंभ हो रही है। प्रत्याशी तभी पर्चा जमा करा सकेंगे जब उनकी फीस जमा हो जाएगी। इसलिए सोमवार को शहर के इंडियन बैंक पर बैंक खुलने से पहले ही बड़ी संख्या में भीड़ जमा हो गई। भीड़ में अधिकांश लोग मास्क नहीं पहने हुए थे। इसलिए कोविड-19 की गाइड लाइन की जमकर धज्जियां उड़ी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करा सकें।
जनपद में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव तीसरे चरण में आगामी 26 अपै्रल को प्रस्तावित है। इससे पूर्व मंगलवार से नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ हो रही है। 13 और 15 अपै्रल को नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। 14 अपै्रल को अवकाश के कारण नामांकन जमा नहीं हो सकेंगे। जमांकन पत्र जमा कराए जाने से पहले जमानत राशि का जमा कराया जाना भी अनिवार्य है।
इसको लेकर सोमवार को शहर के धीमानपुर स्थित इंडियन बैंक (इलाहाबाद बैंक) बैंक के बाहर भारी भीड़ फीस जमा कराने के लिए लगी रही। फीस जमा कराने के लिए प्रात: 7 बजे से ही लोग बैंक के बाहर फीस जमा कराने के लिए लाइन में आकर खड़े हो गए थे।
बैंक गेट से भिक्की मोड़, माजरा रोड तक लाइनें लगी रही। इतना ही नहीं, रोड के बीच डिवाइडर पर भी भीड़ खड़ी रही। सैकेंड सटरडे और संडे का अवकाश होने के कारण भी सोमवार को नामांकन पत्र की फीस जमा कराने के लिए अधिक भीड़ रही। संभावित भीड़ से निपटने के लिए के लिए शाखा प्रबंधक कोई प्रबंध नहीं कर पाए। पुलिस भी तब पहुंची जब उसको भीड़ के चलते रास्ता जाम का पता चला।
शाखा में फीस जमा कराने के लिए अतिरिक्त काउंटर न खोले जाने के कारण भी समस्या ने विकराल रूप लिया। जिसके कारण लोग प्रात: से शाम तक तेज धूप में खड़े होकर अपनी बारी आने के इंतजार में विवश हैं। फीस जमा कराने आईं महिलाएं भी काफी परेशान रही। उनकी परेशानी 39 डिग्री तापमान ने और बढ़ा दी।
गर्मी में महिलाएं चक्कर खाकर गिरीं
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के चलते शहर के धीमानपुरा स्थित इलाहबाद बैंक के बाहर चालान फीस जमा करने को प्रात: बैंक खुलने से पहले ही लोगों की लाइनें जहां भिक्की मोड़ तक पहुंच गई थी, वहीं इस दौरान महिलाओं की संख्या भी काफी रही, जो घंटों तेज धूप में खड़े होकर अपनी प्रतिक्षा करती रही। कई महिलाएं तो तेज धूप होने के कारण चक्कर खाकर सड़क पर गिर पड़ी और जिनको बाद में पानी पिलाकर हॉस्पिटल में भर्ती भी कराना पड़ा।

