- कहा, संकट की घड़ी में किराया बढ़ाया जाना अफसोसजनक
- पूर्व राज्यमंत्री योगराज सिंह के पिता की हत्या के मामले में कोर्ट में पेश हुए थे नरेश टिकैत
जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि यूक्रेन में फंसे छात्रों को वापिस लाने के लिए सरकार द्वारा उचित कदम उठाये जानो चाहिएं तथा उन्हें किराया मुक्त कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूक्रेन से वापिस लौट रहे छात्रों से चार गुणा किराया वसूला जा रहा है, जो कि बेहद अफसोसजनक है।

नरेश टिकैत गुरूवार को मुजफ्फरनगर कोर्ट में जगबीर हत्याकांड प्रकरण में पेशी पर आये थे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि आज रूस व यूक्रेन के बीच जो जंग चल रही है, वह भारत के लिए भी खतरनाक हो सकती है, क्योंकि पडौस की लड़ाई को घर तक पहुंचते देर नहीं लगती है।
उन्होंने कहा कि भारत की विश्व में अच्छी स्थिति है, ऐसे में भारत को दोनों देशों के बीच मध्यस्तथा करते हुए इस युद्ध को विराम दिलाने के प्रयास करने चाहिएं। उन्होंने कहा कि भारत के लगभग 20 हजार बच्चे यूक्रेन में फंसे हुए हैं, जिन्हें वापिस भारत लाया जाना जरूरी है और भारत सरकार द्वारा इसके लिए कदम भी उठाये जा रहे हैं |
परनतु यह कदम काफी नहीं हैं, इसलिए भारत को और अधिक प्रयास करने चाहिएं। उन्होंने यूक्रेन से भारत लौट रहे छात्रों से पहले की अपेक्षा तीन से चार गुणा किराया वसूले जाने पर अफसोस जाहिर करते हुए सरकार से अपील की है कि इस संकट की घड़ी में बच्चों को मुफ्त में भारत लाया जाये।
मौलाना महमूद मदनी के बयान की निंदा
भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने मौलाना महमूद मदनी के इस बयान कि निंदा की, जिसमें उन्होंने भारत में मुसलमान के असुरक्षित होने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि भारत में मुसलमान पूरी तरह से सुरक्षित है। झगड़ा हर घर में हो जाता है, जिसे बैठकर निपटा लिया जाता है।
उन्होंने कहा कि मौलाना महमूद मदनी एक जिम्मेदार नागरिक हैं और वह स्वसं उनकी बहुत इज्जत करते हैं, उन जैसे व्यक्ति को इस तरह के बयानों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में हिन्दू और मुसलमान मिलकर प्रेम से रहते हैं, कुछ राजनीतिक पार्टियां अपने स्वार्थ के चलते इन्हें लड़वाने का कार्य करती हैं

