नमस्कार,दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। पश्चिम एशिया में ईरान और इस्राइल के बीच संघर्ष विराम के संकेतों के बीच वैश्विक बाजारों में आई मजबूती का असर बुधवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ देखा गया। कारोबारी सप्ताह के मध्य में बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में जबरदस्त तेजी देखी गई।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 426.79 अंकों की तेजी के साथ 82,481.90 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 123.25 अंक चढ़कर 25,167.60 पर पहुंचा। वर्तमान में सेंसेक्स 550 से ज्यादा और निफ्टी 150 से अधिक अंकों की बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं।
सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में तेजी
सेंसेक्स की 30 में से अधिकांश कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी गई। टाइटन, एचसीएल टेक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, अल्ट्राटेक सीमेंट, हिंदुस्तान यूनिलीवर और टाटा स्टील जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में सबसे अधिक लाभ देखने को मिला। हालांकि, कोटक महिंद्रा बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे कुछ शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव
वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में उछाल देखा गया। ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.30 प्रतिशत चढ़कर 68.01 डॉलर प्रति बैरल हो गई। वहीं, हाल के दिनों में कीमतों में 15% से अधिक की गिरावट के बाद यह पांच महीने के निचले स्तर के आसपास बनी हुई है।
एफआईआई-डीआईआई निवेश गतिविधि
एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 5,266.01 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 5,209.60 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
रुपये में मजबूती
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी मजबूत हुआ। बुधवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 13 पैसे की मजबूती के साथ 85.92 पर पहुंच गया। मंगलवार को यह 73 पैसे की बढ़त के साथ 86.05 पर बंद हुआ था, जो लगभग पांच वर्षों में सबसे बड़ी एकदिनी बढ़त थी।
वैश्विक संकेत
एशियाई बाजारों में भी तेजी का रुख देखा गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, शंघाई का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग हरे निशान में रहे, जबकि जापान का निक्केई 225 मामूली गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। अमेरिकी शेयर बाजार भी मंगलवार को मजबूती के साथ बंद हुए थे।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
रिलायंस सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख विकास जैन ने कहा, “ईरान-इस्राइल संघर्ष विराम और अमेरिकी बाजारों में मजबूती से भारतीय बाजारों को समर्थन मिल रहा है। साथ ही, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और सकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते बाजार में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।”

