जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: इंडिगो एयरलाइंस में जारी परिचालन संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार सुबह तक स्थिति और बिगड़ गई। अहमदाबाद एयरपोर्ट पर सुबह 6 बजे तक ही 19 उड़ानें रद्द कर दी गईं। देश के अन्य प्रमुख हवाई अड्डों पर भी यही हाल है। तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर शनिवार को छह घरेलू उड़ानें रद्द हुईं।
इससे पहले शुक्रवार को इंडिगो की सेवाएं लगभग ठप रहीं और पूरे दिन में 1000 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। वहीं 4 दिसंबर को 550 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुई थीं। कुल मिलाकर पिछले पांच दिनों में 2000 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं, जिससे देश का हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
चार दिनों में 3 लाख से ज्यादा लोग हुए प्रभावित
इंडिगो संकट के चलते सबसे ज्यादा यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है और बीते चार दिनों में 3 लाख से ज्यादा लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। शुक्रवार को दिल्ली हवाई अड्डे से उड़ान भरने वाली इंडिगो की सभी उड़ानें रद्द कर दी गईं थीं। कई यात्री 24 घंटे से ज्यादा समय से हवाई अड्डों पर फंसे हैं। हवाई अड्डों पर अफरा-तफरी का माहौल है। हालात को देखते हुए सरकार को अपने रुख में नरमी करनी पड़ी और डीजीसीए ने फिलहाल एफडीटीएल नियमों में फिलहाल छूट देने का एलान कर दिया है। इसके तहत नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने चालक दल के सदस्यों के लिए साप्ताहिक विश्राम से जुड़े अपने हालिया सख्त निर्देशों को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है। हालांकि सरकार ने इंडिगो के खिलाफ एक्शन लेने की बात भी कही है।
मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा गलती इंडिगो एयरलाइन की है
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने एक बयान में कहा है कि नए एफडीटीएल नियम 1 नवंबर से लागू हैं और किसी अन्य एयरलाइन को नए नियमों से दिक्कत नहीं हुई। इससे साफ है कि गलती इंडिगो एयरलाइन की है। उन्होंने कहा कि इंडिगो की लापरवाही की जांच होगी और कार्रवाई होगी। इंडिगो एयरलाइन खुद भी स्वीकार कर चुकी है कि उससे योजना के स्तर पर लापरवाही हुई और वे स्थिति का सही आकलन नहीं कर सके, जिसके चलते नए नियम लागू करने पर क्रू का संकट पैदा हो गया, जिससे परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
उड़ान रद्द होने पर यात्रियों को पूरा रिफंड दिया जाए
देश भर में इन दिनों शादियों का सीजन चल रहा है और छुट्टी और क्रिसमस के चलते हवाई अड्डों पर यात्रियों की भारी भीड़ है। ऐसे समय में इंडिगो संकट ने हालात को विकट कर दिया है। स्थिति को लेकर यात्रियों में भारी गुस्सा है। संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने कंट्रोल रूम शुरू किया है। जिनके नंबर 011-24610843, 011-24693963, 09650391859 हैं। साथ ही सरकार ने उड़ान रद्द होने पर पूर्ण रिफंड देने का निर्देश जारी किया है। दिव्यांगों-बुजुर्गों को विशेष मदद, बहुत देरी होने पर होटल और रियल-टाइम अपडेट देने के निर्देश भी मिला है।
नियमानुसार फ्लाइट कैंसिल या 6 घंटे से ज्यादा लेट होने पर पूरा किराया वापस करने या दूसरी फ्लाइट से यात्रा कराने का नियम है। रात 8 बजे से सुबह 3 बजे की उड़ान 6 घंटे से ज्यादा लेट हो, तो होटल+एयरपोर्ट ट्रांसपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।

