Saturday, March 28, 2026
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संक्रमितों का आंकड़ा 23,000 के पार, 11 दिन में 1266 नए केस

  • कोरोना के 219 नए केस एक की मौत, सरधना समेत कई इलाकों में बनी संक्रमण की चेन

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कोरोना की रफ्तार पर ब्रेक के आसार फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं। जनपद में संक्रमितों का आंकड़ा 23,000 के पार जा पहुंचा है। कोरोना के खतरे का अंदाजा 11 दिन में 1266 केसों से लगाया जा सकता है। रविवार को 5464 सैंपल जांच के लिए भेजे थे, जिनमें संक्रमण के 219 नए केस मिले हैं। सरधना में दूसरे दिन भी कोरोना विस्फोट के हालात बने हैं। शनिवार को 30 केसों के बाद रविवार को सरधना में 14 केस आए हैं।

कोरोना अपडेट जारी करते हुए सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने बताया 219 नए केसों व एक की मौत की जानकारी दी। उपचार के दौरान नेहरू नगर गली नंबर चार निवासी 69 वर्षीया महिला की मौत हो गयी। वहीं, दूसरी ओर कई इलाकों में कोरोना संक्रमण की चेन बन गयी है।

ऐसे इलाकों मेें खासपुर, सदर का रजबन करईगंज इलाका। इस इलाके में कोरोना पहले भी कहर बरपा चुका है। मेडिकल शास्त्रीनगर राजेन्द्र नगर, रेलवे रोड जैन नगर, सरधना छावनी, रुड़की रोड शीलकुंज पॉश कालोनी में कोरोना विस्फोट हुआ है। इसी इलाके के उदयपार्क पल्लवपुरम भी शामिल हैं। मेडिकल कालेज एडी आफिस में संक्रमण के दो केस मिले हैं। जागृति विहार, मवाना के मुन्नालाल व कल्याण सिंह इलाके।

संक्रमितों में कामकाजी घरेलू महिलाएं, छात्र, नौकरी पेशा, किसान, कारोबारी, मजदूर, कैदी, हेल्थ केयर वर्कर, टीचर, ड्राइवर, टेलर मास्टर व अधिवक्ता सरीखे भी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग की कोशिश ज्यादा से ज्यादा संक्रमितों को सरकारी आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराने की है, लेकिन जिन संक्रमितों के यहां अपने मकान में पर्याप्त व प्रोटोकॉल के अनुसार पर्याप्त स्थान मौजूद हैं, ऐसे लोगों को उनके घरों में ही क्वारंटाइन में रहने की इजाजत दी गयी है।

हालात बिगडे, मेरठ डेंजर जोन में शामिल

कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़ते केसों के मद्देनजर जनपद को अब डेंजर जोन में शामिल कर लिया गया है। शनिवार यहां से संक्रमित केसों की भेजी गयी रिपोर्ट के बाद यह निर्णय लिया गया है। दरअसल, रिपोर्ट में बताया गया है कि यहां एक्टिव केसों की संख्या 1195 हो गयी है।

रविवार को इसमें भारी इजाफा की खबर भी भेजी गयी है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने जानकारी दी है कि मेरठ के अलावा मंडल के गाजियाबाद, नोएडा में कुल मिलाकर तीन हजार से ज्यादा एक्टिव केसों की रिपोर्ट एडी हेल्थ कार्यालय से भेजी गयी है। मेरठ के समीपवर्ती जनपद मुजफ्फरनगर से भी स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के लिए बुरी खबर है। यहां 1300 एक्टिव केस हैं।

इसके बाद ही मेरठ व सहारपुर मंडल डेंजर जोन में शामिल किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के कांटेक्ट टेÑसिंग अधिकारी विपिन कुमार ने संक्रमण के केसों के बढ़ने की आशंका जतायी है। उन्होंने बताया कि रविवार को यह संख्या बढ़ गयी है। एक्टिव केसों के बढ़ने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर से अपनी तैयारियों को अपडेट किया है। वहीं, शासन ने कोरोना से निपटने व संक्रमितों के इलाज पर ताजा रिपोर्ट मांगी है।

मेडिकल प्राचार्य डा. ज्ञानेन्द्र कुमार ने बताया कि 250 बेडों का आइसोलेशन वार्ड पहले से काम कर रहा है। इसमें 150 आइसीयू बेड हैं। इसके अलावा मेडिकल के पास फिलहाल करीब 60 वेंटिलेटर एकदम चालू हालत में हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि मरीजों के लिए अभी स्पेस और भी बढ़या जा सकता है।

मेडिकल अस्पताल के पास पर्याप्त बेड व वार्ड का इंतजाम है। सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की सभी टीमें अलर्ट मोड पर हैं। सबसे ज्यादा ध्यान कान्टे्रक्ट टे्रसिंग पर दिया जा रहा है। संक्रमितों के परिजनों से भी बार-बार कहा जा रहा है कि उनके संपर्क में जो भी लोग आए हैं।

उनका पूरा ब्योरा मुहैय्या कराएं ताकि सैंपल लेकर टेस्टिंग के लिए मेरठ भेजा जा सके। केसों के बढ़ने को लेकर सीएमओ का कहना है कि मेरठ में बडेÞ स्तर पर टेस्टिंग करायी जा रही है। ज्यादा टेस्टिंग होगी तो केस भी ज्यादा ही आएंगे, लेकिन यह संख्या नियंत्रित भी की जा सकती है, यदि लोग एक बार फिर से कोविड गाइड लाइन का सख्ती से पालन करने लगे।

निजी चिकित्सक बोले कम्युनिटी स्प्रेड से भी बुरी स्थित है सेकेंड वेव में

डेंजर जोन में जनपद को शामिल किए जाने के बाद क्या कम्युनिटी स्प्रेड या फिर पॉजिशन थर्ड सरीखे हालात बने हुए हैं। इस बहस में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नहीं पड़ना चाहते। स्वास्थ्य विभाग के एक बडेÞ अधिकारी ने नाम न छापे जाने की शर्त पर बताया कि जो हालात बने हुए हैं उसमें कम्युनिटी स्प्रेड और नॉन कम्युनिटी स्प्रेड के बीच अब भेद सरीखी कोई बात नहीं रह गयी है।

कोरोना का नया स्टेÑन जितना घातक है उसके बाद अब कम्युनिटी स्प्रेड या फिर पॉजिशन थर्ड को लेकर स्वास्थ्य विभाग में कोई बहस नहीं होती। ये पता है कि हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। सीएमओ डा. अखिलेशन मोहन का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी 18 से 20 घंटे तक काम कर रहे हैं। टीम के दूसरे लोगों का भी यही हाल है, लेकिन पब्लिक से बार-बार अपील करते हैं कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करे, बगैर मास्क के घर से न निकलें।

बेहद जरूरी हो तो घर से निकलें। हालात नाजुक हैं तभी शासन ने स्कूलों को बंद किया है। नाइट कर्फ्यू भी लगाया गया है। ऐसा नहीं है कि दिन में कोरोना हमला नहीं करेगा। भीड़ में तो कोरोना और भी ज्यादा हमलावर व खतरनाक हो जाता है।

इसलिए लोगों से अपील है कि स्वास्थ्य विभाग तो अपना काम कर रहा है, लेकिन सफलता तभी मिलेगी जब आम आदमी सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क का प्रयोग करेगा। वहीं, दूसरी ओर स्वास्थ्य सेवाओं से जुडेÞ निजी चिकित्सक कम्युनिटी स्प्रेड की बात को खारिज नहीं करते। उनका कहना है कि नया स्टेÑन बेहद घातक है। यह कम्युनिटी स्प्रेड पर भी भारी है।

आईएमए के स्टेट प्रेसीडेंट डा. महेश बंसल का कहना है कि अधिकृत रूप से भले ही घोषित न किया गया हो, लेकिन जो हालात बने हुए हैं वो बदतर हैं। आम आदमी को सोसाइटी प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। संक्रमण बेहद घातक है। इससे बच कर रहना होगा।

मेडिकल कालेज के पूर्व प्राचार्य डा. एसके गर्ग ने कहा कि वह बार-बार कम्युनिटी स्प्रेड की बात कहते रहे हैं। सरकार भले ही इसको खारिज करे या न माने। पिछले साल इन्हीं दिनों में उन्होंने यह बात कही थी, लेकिन वर्तमान हालात पहले से ज्यादा खराब और डराने वाले हैं, लेकिन दुखद पहलू लोगों की लापरवाही है।

हालात नाजुक, साप्ताहिक अवकाश में भी वैक्सीनेशन

कोरोना संक्रमण केसों की तेजी के चलते स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए वैक्सीनेशन बढ़ा दिया है। रविवार साप्ताहिक अवकाश में सभी 83 सरकारी व 46 प्राइवेट सेंटरों पर वैक्सीनेशन कराया गया। एसीएमओ डा. प्रशांत गौतम ने बताया कि संक्रमण केसों की संख्या को देखते देखते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देश पर रविवार साप्ताहिक अवकाश के दिन भी वैक्सीनेशन किया गया।

गांव देहात क्षेत्र में ग्राम प्रधानों की मदद से मुनादी भी करायी जा रही है ताकि अधिक से अधिक लोग वैक्सीन लगवाए। शहर में भी वैक्सीन को लेकर जागरूकता अभियान चला जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर रविवार 11 अप्रैल से स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से टीकाकरण उत्सव का ऐलान किया गया है। सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने जानकारी दी कि रूलर कोविड वैक्सीनेशन के सभी 73 सेंटरों व अबर्न कोविड वैक्सीनेशन के सभी 41 सेंटरों पर लोगों में वैक्सीन लगवाने के लिए उत्साह देखा गया।

वैक्सीनेशन के लिए सीएमओ कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। वह प्रत्येक घंटे का अपडेट लिया जा रहा था। प्रतिरक्षण अधिकारी एसीएमओ डा. प्रवीण गौतम ने बताया कि किसी भी सेंटर पर वैक्सीन की कोई कमी नहीं थी। टारगेट के अनुपात में एक दिन पहले वैक्सीन बॉयल भेज दी गयी थीं।

एल-2 अस्पतालों के लिए स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट जारी

संक्रमण के केसों में आयी तेजी के चलते स्वास्थ्य विभाग ने सभी एल-2 हॉस्पिटलों को अलर्ट जारी कर दिया है। साथ ही कोरोना संक्रमित जो लोग प्राइवेट उपचार कराना चाहते हैं वो भी एल-2 कोविड-19 हॉस्पिटल की सेवाएं ले सकते हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी संक्रमित को किसी भी अस्पताल में ले जाने से उनकी सुविधानुसार च्वाइस पूछती हैं। वैसे कोशिश होती है कि ज्यादातर संक्रमितों को मेडिकल में ही भर्ती किया जाए।

जिला सर्विलांस अधिकारी डा. अशोक तालियान ने बताया कि एल-2 हॉस्पिटल पहले ही अलर्ट पर हैं। ऐसे कोविड-आइसोलेशन सेंटरों में मुलायम सिंह, आनंद हॉस्पिटल, लोकप्रिय अस्पताल, आईआईएमटी गंगानगर, सीएसटीएस, न्यूटिमा, संतोष हॉस्पिटल आदि शामिल हैं। जबकि एल-वन के तौर पर सीएचसी पांचली व शहीद धनसिंह कोतवाल हॉस्पिटल रिवर्ज रखे गए हैं, लेकिन इसमें बजाय संक्रमितों के जो क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए हैं।

ऐसे लोग जो होम क्वारंटाइन नहीं हो सकते, उन्हें धन सिंह कोतवाल व पांचली सीएचसी में रखा जाता है। हालांकि रविवार तक 561 होम आइसोलेशन में हैं। रविवार शाम को इनकी संख्या बढ़ गयी, जबकि करीब 1200 एक्टिव केस हैं। यही आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के लिए चिंता का बड़ा कारण बना हुआ है। एल-3 में मेडिकल व सुभारती अस्तपाल शामिल हैं। मेडिकल में करीब 60 संक्रमित भर्ती हैं।

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