- मासूमों का सौदा करने वाले गिरोह से जुड़े हैं कई सफेदपोशों के तार, अब तक आठ गिरफ्तार
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मुजफ्फरनगर पुलिस हाथ से गुडवर्क छीनकर ले गयी और मेरठ पुलिस देखती रही गई। लालकुर्ती से बच्चा की घटना में सारी एक्सरसाईज मेरठ पुलिस ने की। बस चूक इतनी सी हो गई कि मुजफ्फरनगर पुलिस से थोड़ा सा सहयोग मांग लिया। हालांकि यह इसलिए किया था ताकि अपहरणकर्ता दबोचे जा सके और मासूम सकुशल बरामद कर लिया जाए। लालकुर्ती से बच्चा चोरी करने वालों की लोकेशन मुजफ्फरनगर मिल रही थी। मेरठ पुलिस ने जो मुजफ्फरनगर पुलिस को बच्चा चोरी को लेकर सूचना दी
तो बगैर वक्त जाया किए मुजफ्फरनगर पुलिस एक्टिव हो गई। जानसठ वाले लोकेशन की जानकारी मिल पहले ही मिल चुकी थी। मुजफ्फरनगर पुलिस ने आनन-फानन में इस गिरोह पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित करा लिया। इनाम घोषित होने के बाद लिखा पढ़ी करने में फिर देरी नहीं की। लिखा पढ़ी भी कर दी और प्रेस नोट भी जारी करा लिया गया। ये तो हुई बात मेरठ पुलिस का गुडवर्क छीन ले जाने की। अच्छी बात ये रही कि मासूम को सुरक्षित बरामद कर मां को सौंप दिया गया
ये हुआ था
शुक्रवार को रजबन की रहने वाली अंकिता पत्नी अमित राधिका उर्फ राधा उर्फ मीनू के साथ लालकुर्ती पैंठ एरिया में दो माह के मासूम बेटे के साथ खरीदारी करने आई थी। सुबह करीब साढ़े 10 बजे अंकिता ने कपड़े पसंद करते समय मासूम को राधिका की गोद में दे दिया। इस समय राधिका मौका पाकर बच्चे को लेकर गायब हो गई। काफी ढूंढने पर भी जब उसका कुछ पता नहीं चला तो अंकिता ने दोपहर साढ़े बारह बजे लालकुर्ती थाने आकर घटना की जानकारी दी। अंकिता ने पुलिस को बताया कि वह राधिका के बारे में केवल इतना जानती है कि वह ज्वालापुर में रहती है, लेकिन ज्यादा नजदीकी नहीं है। राधिका बीती रात ही ज्वालापुर से उसके घर आई थी।

इसके बाद पुलिस ने राधिका का मोबाइल नंबर सर्विलांस पर ले लिया तो उसकी लोकेशन मुजफ्फरनगर में मिली। पुलिस की सर्विलांस टीम ने नंबर की लोकेशन ट्रेस कर उसे मुजफ्फरनगर कचहरी से दबोच लिया, लेकिन बच्चा उसके पास नहीं था, पूछताछ में राधिका ने बताया कि उसने बच्चा मुजफ्फरनगर के रामपुरी मोहल्ले में सहेली अनीता को दे रखा है। जहां से पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया। जबकि इनकी तीसरी साथी अन्नु निवासी जानसठ को भी पुलिस ने दबोचा है। पुलिस के अनुसार गुरुवार की रात को ही राधिका ने बच्चे की फोटो कई लोगों को भेजी थी और उसकी दो लाख रुपये कीमत लगाई गई थी,
लेकिन डील फाइनल होती, उससे पहले ही पुलिस ने राधिका को दबोच लिया। पुलिस के अनुसार अनीता का पति मासूम बच्चों को दिल्ली में बेचता है। अब पुलिस इस गिरोह के और साथियों की तालाश कर रही है। वहीं, इस संबंध में एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि इस मामले में अब तक दिल्ली की सीमा तथा दो अन्य व भावनपुर की दो गिरफ्तारियों समेत कुल आठ गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। गिरफ्तारियों का सिलसिला अभी जारी है।
कई चौंकाने वाली गिरफ्तारी संभव
जो लोग पकडेÞ गए हैं, उनसे की गयी पूछताछ में बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जिन लोगों ने लालकुर्ती से बच्चा चोरी किया था, इनका बहुत बड़ा गिरोह है। इनके गिरोह में कई सफेदपोश भी शामिल होने की बात सामने आयी है। इसके चलते अभी दिल्ली, सहारनपुर व मुजफ्फरनगर समेत देश के कई अन्य राज्यों में गिरफ्तारियां संभव है। हालांकि पुलिस अधिकारी इनको लेकर ज्यादा खुलासा करने में परहेज बरत रहे हैं। पुलिस यह भी पता करने का प्रयास कर रही है कि गिरोह ने कब-कब और किस-किस को बच्चे बेचे हैं। सुबह तक इस मामले में बडेÞ खुलासे की उम्मीद की जा रही है। रात में ही कई पुलिस टीमें दबिश के लिए रवाना भी हो गयी हैं।
एक नहीं, दो गिरोह
सबसे चौंकाने वाली जो जानकारी मिली है वो यह कि इस गिरोह के सदस्य केवल बच्चे चोरी कर ही नहीं बेचते हैं। इनसे जुडेÞ कुछ लोग, जिनमें बड़ी संख्या महिलाओं की भी है। टप्पेबाजी का भी धंधा करती हैं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि पुलिस टीमें दोनों ही लाइनों पर काम कर रही है। दरअसल, मुजफ्फरनगर से जिन महिलाओं की गिरफ्तारी की गयी है उन्होंने टप्पेबाजी कर लोगों को ठगने की बात को स्वीकार किया है। इन तमाम लाइनों पर पुलिस वर्क कर रही है।

