Saturday, April 25, 2026
- Advertisement -

स्वयंसेवियों से समाज को सही दिशा मे बदलने को किया प्रेरित

  • वर्धमान कॉलेज के सात दिवसीय शिविर का हुआ समापन

जनवाणी ब्यूरो |

बिजनौर: वर्धमान कॉलेज बिजनौर की राष्टीय सेवायोजना की तृतीय एवं चतुर्थ इकाई का ग्राम पेदा एवं गोकलपुर कासम में चल रहे सात दिवसीय शिविर का समापन दिवस बड़े धूम-धाम से मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अजय कुमार जिला विकलांग कल्याण अधिकारी, विशिष्ट अतिथि डा़ पंकज श्द चीफ एडिटर सान्ध्य दैनिक पब्लिक इमोशन रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। साथ ही अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ द्वारा किया गया। इस अवसर मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों ने युवाओं को आगे आकर समाज को सही दिशा में बदलने के लिए प्रेरित किया। साथ ही दिव्यांगों की सहायता के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में बताया। इस अवसर पर महाविद्यालय से उपस्थित सभी प्राध्यापकों ने क्रमश: स्वयंसेवियों को प्रोत्साहित किया। इस पूरे कार्यक्रम को भव्यता प्रदान करते हुए स्वयंसेवियों ने स्किट, स्ट्रीट प्ले, नृत्य, गायन एवं भाषण आदि के द्वारा गुलजार किया।

कार्यक्रम अधिकारी डा.विशाल शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया एवं पूरे सप्ताह का क्रमश: रिपोर्ट प्रस्तुत किया। अंत में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डा़ ओपी सिंह ने स्वयंसेवियों से आग्रह किया कि उन्होंने इन सात दिनों में जो भी अच्छी बातें सीखी हैं। उसे अपने जीवन में प्रयोग करते हुए अपने समाज को वाजिब दिशा में बदलने की कोशिश करें। वर्धमान कॉलेज के प्राध्यापकगणों में डा. प्रीति खन्ना, डा. सुनील अग्रवाल, डा. एकेएस राणा, डा. शशि प्रभा, डा. रेशू शर्मा, डा. दिव्या जैन, ड़ा राजीव अग्रवाल, डा़ चारुदात्त आर्य व स्वयंसेवियों में हर्षित चौधरी, सत्यम चौधरी, कार्तिक रावत, आदित्य कुमार, आंचल राठी, इशिका, जैनब, अभिषेक शर्मा, दिलीप कुमार, अवनीश कुमार, आशु सन्नी कुमार, कुश कुमार, मरियम, विवेक कुमार, सृष्टि, मुहम्मद कम्बर, यश अग्रवाल, असम राशिद, काजल सैनी आदि उपस्थित रहे।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

कैसे बनाए जाते हैं शीतल पेय

आनंद कु. अनंत ग्रीष्म के आगमन के साथ ही बाजार...

महिला आरक्षण की मृगतृष्णा की उलझन

भारतीय राजनीति के रंगमंच पर इन दिनों एक नया...

केंद्र के साए में बंगाल के चुनाव

1952 से ही भारत में एक सुगठित चुनाव प्रणाली...

विदेश भेजने के नाम पर ठगी

कई युवाओं की विदेश में नौकरी की चाहत होती...
spot_imgspot_img