Thursday, February 19, 2026
- Advertisement -

बिना जांच के शोध छात्रवृत्ति न देने के निर्देश

  • कार्यालय दिवस मे अपना छात्रवृत्ति बिल अति शीघ्र जमा करा दे

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: नेट पास पीएचडी छात्रवृत्ति 2022-23 में जो विद्यार्थी अर्ह पाये गये थे उन विद्यार्थियों की सूची एवं बिल प्रारूप विश्वविद्यालय की बेवसाइट पर एवं सम्बन्धित महाविद्यालय और विश्वविद्यालय परिसर के शैक्षणिक विभागों को सूची उपलब्ध करा दी गयी थी। वित्तीय वर्ष अप्रैल 2022 से मार्च 2023 तक नेट पास पीएचडी में पंजीकृत विद्यार्थियों जिनकी परिवारिक आय रुपए पांच लाख से कम है को रुपये 5000 प्रतिमाह विश्वविद्यालय द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति योजना के अन्तगत जो विद्यार्थी अर्ह पाये गये थे

उन विद्यार्थियों को सूचित किया जाता है कि वह अपना द्वितीय किस्त की छात्रवृत्ति बिल भरकर महाविद्यालय के छात्र अपने सुपरवाइजर एवं प्राचार्य और प्राचार्या से और विश्वविद्यालय परिसर के छात्र अपने सुपरवाइजर एवं विभागाध्यक्ष से प्रतिहस्ताक्षरित कराकर अधिष्ठाता छात्र कल्याण कार्यालय चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर मेरठ में स्वयं उपस्थित होकर (स्टाक बुक रजिस्टर मे हस्ताक्षर के लिए) 20 अप्रैल 2023 तक किसी भी कार्यालय दिवस मे अपना छात्रवृत्ति बिल अति शीघ्र जमा करा दे

जिससे समयानुसार अग्रिम कार्यवाही किया जा सके। जिन विद्यार्थियों ने पूर्व मे प्रथम किस्त के रूप में 1 अप्रैल 2022 से 30 सितम्बर 2022 (कुल 6 माह का छात्रवृत्ति बिल प्रस्तुत किया था उनको विश्वविद्यालय द्वारा छात्रवृत्ति का भुगतान किया जा चुका है। अब शेष छात्रवृत्ति अक्टूबर 2022 से मार्च 2023 तक का बिल दी गई है। सुपरवाइजर सुनिश्चित कर ले कि सूची में अंकित कोई विद्यार्थी उक्त अवधि मे अपना शोध ग्रन्थ जमा न कर दिया हो, शोध कार्य छोड़ न दिया हो,

19 6

उसे किसी अन्य प्रकार की फैलोशिप जैसे आदि का लाभ प्राप्त न कर रहा हो या कही कार्यरत न हो की जाच करने के उपरान्त ही छात्रवृत्ति बिल अग्रसारित किया जाये उक्त के सम्बन्ध मे यदि किसी विद्यार्थी की कोई भी गलत सूचना पायी जाती है तो उसकी छात्रवृत्ति निरस्त कर दी जायेगी और विश्वविद्यालय द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जायेगा जिसकी समस्त उत्तदायी संस्था एवं विद्यार्थियों की होगी।

मेरठ परिक्षेत्र में अब तक 80 प्रतिशत से अधिक गन्ने की पेराई

परिक्षेत्र की सभी चीनी मिलों को लेकर एक आकलन तैयार किया गया है। जिसके मुताबिक इस तरह सत्र में अब तक 80 प्रतिशत से अधिक गन्ने की पेराई की जा चुकी है। अप्रैल माह के अंत तक यह आंकड़ा 95 प्रतिशत तक हो जाएगा। इस बीच अनूपशहर चीनी मिल 9 अप्रैल को बंद होने की तैयारी चल रही है। जबकि बागपत चीनी मिल जून के पहले सप्ताह तक चलाई जा सकती है। उप गन्ना आयुक्त राजेश मिश्रा ने मेरठ परिक्षेत्र की सभी 16 चीनी मिलों के पेराई सत्र के आरंभ से लेकर समापन तक के बारे में जानकारी जुटाई है।

जिनके बारे में उन्होंने बताया मवाना और दौराला चीनी मिल के पेराई सत्र के पांच मई तक चलने की उम्मीद है। किनौनी चीनी मिल की संभावित तिथि 25 अप्रैल, नंगलामल मिल 10 मई, सकौती 30 अप्रैल, मोहिउद्दीनपुर मिल 12 मई, मोदीनगर मिल दो मई, सिंभावली मिल 20 अप्रैल, बृजनाथपुर नौ अप्रैल, मलकपुर मिल 30 अप्रैल, बागपत मिल पांच जून, रमाला मिल दो जून, साबितगढ़ मिल 30 अप्रैल, अगौता मिल 10 मई, बुलंदशहर मिल 15 अप्रैल और अनूपशहर मिल नौ अप्रैल तक चलने की संभावना है।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

UP News: मोहन भागवत की CM Yogi और Deputy CM से मुलाकात, सियासी हलचल तेज

जनवाणी ब्यूरो | लखनऊ: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख...

PM Modi का AI Impact लीडरशिप सम्मेलन 2026 में भाषण, मानव केंद्रित AI और जिम्मेदारी पर जोर

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने AI...

UP News: डॉ. मोहन भागवत का बयान, मंदिरों की आय जन कल्याण के लिए हो और BJP सरकार को संघ नहीं चलाता

जनवाणी ब्यूरो | लखनऊ: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक...
spot_imgspot_img