- कई निचले स्थानों पर जलभराव से लोगों को परेशानी
जनवाणी ब्यूरो |
शामली: पिछले दो दिनों से रुक-रुककर चल रही बारिश से जहां मौसम में ठंडक बढ़ी है वहीं कई निचले स्थानों पर जलभराव की समस्या देखने को मिल रही है। सड़कों पर कीचड़ फैलने से भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश बाजार में व्यापार भी बहुत कम है वहीं जन जीवन अस्त व्यस्त हो चुका है।
पिछले दो दिनों से जारी बारिश ने मौसम में ठंडक पैदा कर दी है। पिछले कई दिनों से जहां घने कोहरे और शीतर लहर से लोग परेशान थे, वहीं बारिश से मौसम साफ हो गया था और धूप खिल गई थी। धूप खिली तो बारिश शुरू हो गई। दो दिनों से दिन-रात रुक-रुक कर बारिश हो रही है।
जिसके कारण तापमान भी गिरावट महसूस की जा रही है। वहीं मंगलवार को भी दिनभर रुक रुककर बारिश होती रही। जिसके कारण कई स्थानों पर जलभराव की समस्या बनी रही वहीं सड़कों पर कीचड़ के फैलने से लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बारिश के होने से स्कूलों-कालेजों में जाने वाले नौवीं से 12वीं कक्षा के बच्चों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश होने से मंगलवार को अधिकतम तापमान 19 और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सैल्सियस रहा।
चौराहे पर पानी भरने से राहगीर परेशान
जलालाबाद कस्बे के सैनी धर्म कांटे के पास लोहारी रोड पर मीठी कुई मंदिर के पास थोड़ी सी बारिश होने से ही चौराहे पर पानी भर जाता है जिसके कारण वाहनों व पैदल चलने वालो तथा ट्रैक्टर ट्रॉली आदि गन्ने की ट्रॉली वाले परेशान हैं। पहले भी जिलाधिकारी को इस विषय में प्रार्थना पत्र देकर समाधान की मांग की जा चुकी है लेकिन आज तक सड़क को गड्ढा मुक्त नहीं किया गया जबकि लोक निर्माण विभाग गहरी निंद्रा में सोया हुआ है नगर पंचायत सभासद कासिम अहमद अर्जुन रावड़ पूर्व सभासद राकेश कुमार रोमिल मित्तल कलीम अहमद आदि ने मांग की की देवस्थान मिट्टी कोई श्री कृष्णा नदी के पुल तक सड़क को गड्ढा मुक्त आ जाए।

कृष्णा नदी पुल के दोनों और हुए गहरे गड्ढों में पानी भरा
जलालाबाद लुहारी रोड पर कृष्णा नदी पर बने पुल के दोनों और बड़े बड़े गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिसके कारण आने जाने वाले बड़े वाहनों से बड़े हादसों का अंदेशा बना रहता है। पिछले हफ्ते भी कहीं दुर्घटना होने से बाल-बाल बची क्योंकि ओवरलोड वाहनों के कारण पुल के दोनों किनारे की सड़क धस चुकी है, जिस कारण कोई भी बड़ी घटना हो सकती है और विभाग का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। कस्बे के साजिद, शमशाद, हफिउल्ला, रमेश, रामचंद्र, जनेश्वर सैनी, आदि ने मांग की है कि मरम्मत नहीं कराई तो करोड़ों के पुल को भी नुकसान हो सकता है।

