- बेमौसम बारिश से गेहूं की फसलों को हुआ भारी नुकसान
जनवाणी संवाददाता |
मोदीपुरम: पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मौसम में बदलाव होने के बाद तेज आंधी के साथ हुई बारिश का असर शुक्रवार को भी दिखाई दिया। दिन निकलते ही बारिश शुरु हो गई। यह बारिश सुबह चार बजे से लेकर आठ बजे तक बारिश रही। हालांकि दिन में मौसम खुला रहा। जिसके चलते लोगों ने राहत महसूस की है। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विवि के मौसम वैज्ञानिक डा. यूपी शाही का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में अभी अगले 24 घंटे रुक-रुक कर वर्षा जारी रहने के आसार है।
जबकि दो अप्रैल को पुन: सक्रिय हो रहे। पश्चिमी विक्षोभ के कारण पश्चिमी यूपी के अधिकांश जिलों में तीन से चार अप्रैल तक तेज हवा गरज के साथ दो से 17 मिमी वर्षा की संभावना है। बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर शामली व मेरठ जिलों में 8 से 17 एवं अन्य जिलों में 2 से 7 मिमी वर्षा संभावित है। किसी भी खड़ी फसल में सिचाई व रसायन का छिड़काव न करें व यथा संभव जल निकास का प्रबंध करें। राजकीय मौसम वैधशाला पर शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री एवं न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

अधिकतम आर्द्रता 92 एवं न्यूनतम आर्द्रता 65 प्रतिशत दर्ज की गई। हवा सुबह और शाम के समय चार किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चली। बारिश रात में 13.8 मिमी एवं दिन में 0.2 मिमी दर्ज की गई है। उधर, बारिश के होने से महानगर में प्रदूषण का स्तर भी बिल्कुल साफ हो गया है। प्रदूषण कम होने से लोगों ने राहत की सांस महसूस की है। उधर, हस्तिनापुर बुधवार की सायं तेज हवा के साथ आई बारिश ने खेतों में खड़ी गेहूं की फसल चौपट कर दी है। खादर क्षेत्र में स्थिति और भी अधिक दयनीय है।

तेज हवा के चलते गेहूं की फसल जमीन पर लेट गयी है। दो सप्ताह के भीतर हुई बरसात ने किसानों की कमर तोड़ दी है। पिछले दिनों हुई बारिश से सरसों में भारी नुकसान हुआ है। वहीं, जिन किसानो ने गन्ने की बुवाई के लिए पलेवा किया हुए थे। उनकी बुवाई न होने के चलते लगातार लेट होती जा रही है। रही सही कसर बुधवार की सायं तेज हवा के साथ आई बारिश ने गेहूं की फसल मे काफी नुकसान पहुंचाया है।
खादर क्षेत्र के किसानों का कहना है खादर क्षेत्र की तो हालत दयनीय है। जहां एक और गेहूं की फसल जमीन पर धराशायी हो गयी है। वहीं, खेतों में पानी भरा होने के चलते गन्ने की बुवाई भी काफी दिनों तक संभव नहीं है। इस बार आम के बागों में पेड़ों पर काफी बोर आया था। जिससे बाग के रखवाले भी खुश दिखाई दे रहे थे। परंतु रात को आये तूफान ने सारा बोर जमीन पर गिरा दिया है। जिससे उन्हे भी काफी नुकसान होने की संभावना है।

