Tuesday, March 31, 2026
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वाहनों पर जातिसूचक शब्द लिखा तो खैर नहीं

  • अब पड़ेगा और भी भारी, एक दिन में 115 वाहनों के कटे चालान

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: वाहनों पर जातिसूचक शब्द जैसे जाट, पंडित, गूर्जर आदि लिखवा कर रौब गालिब करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ एसएसपी ने अभियान चलवाया। पुलिस ने 115 वाहनों के चालान काटे। इसमें 25 वाहनों पर जाति सूचक शब्द लिखे हुए थे। इसमें उन चार पहिया वाहनों के खिलाफ भी कार्यवाही हुई जिन्होंने काली फिल्म लगाई हुई थी।

पुलिस ने जातिसूचक शब्द लिखे वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया। पुलिस ने देहात क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर शिकंजा कसा। काली फिल्म चढ़े वाहनों को सीज किया गया। साथ ही जिन वाहनों पर जातिसूचक शब्द लिखे थे उनका चालान काटा गया। यातायात नियमों के उल्लंघन में पुलिस ने चैकिंग के दौरान एक दिन में 115 चालान काटे। इसमें छह वाहन ऐसे मिले जिन पर काली फिल्म चढ़ी थी।

कई वाहनों पर जाति सूचक शब्द लिखे थे। अन्य वाहन चालक ऐसे थे जिन्होंने यातायात नियमों का उल्लंघन किया था। एसपी देहात अनिरुद्ध सिंह के निर्देशन में कई जगहों पर अभियान चलाया गया। विभिन्न चेकिंग प्वाइंट पर वाहनों की चेकिंग की गई। चार पहिया और दो पहिया वाहनों के खिलाफ अभियान चला। जिन वाहनों के शीशों पर काली फिल्म चढ़ी थी उसे उतरवाया गया। वाहनों को सीज किया गया। जातिसूचक शब्द जाट, गुर्जर, पंडित, क्षत्रिय लिखा था उसे हटवाया गया।

मवाना रोड पर गंगानगर पुलिस ने सुबह 11 बजे से 1 बजे तक सघन चेकिंग अभियान चलाया। जिसमें एसपी देहात अनिरुद्ध कुमार भी अपनी टीम के साथ मौजूद रहे। पुलिस ने दोपहिया वाहनों पर लिखे जाति सूचक शब्द और बिना हेलमेट स्टाइलिश नंबर प्लेट लगाकर चल रहे वाहन चालकों के चालान काटे और कार में डैशबोर्ड पर रुतबा दिखाने के लिए रखी पुलिस की टोपी को देखकर एसपी देहात भड़क गए।

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जब वाहन चालक से टोपी डैशबोर्ड पर रखने का कारण पूछा तो उन्होंने अपने दूरदराज के रिश्तेदारों का परिचय दिया जिस पर एसपी देहात ने वाहन चालक को कार सहित थाने भिजवा दिया और वाहन का चालान कर दिया तथा वाहन चालक पर मुकदमा लिखने के भी आदेश गंगानगर थाना प्रभारी दिनेश प्रताप सिंह को दिए कुछ वाहन चालकों ने बाइक और कारों पर जाट, गुर्जर, ब्राह्मण, ठाकुर आदि लिखवा रखा था।

ऐसे वाहनों के भी धड़ाधड़ चालान काटे गए बवाना रोड पर चेकिंग होती देख वाहन चालकों में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को देख कर बाइक और कार सवार वापस मुड़कर जाने लगे एसपी देहात ने कार के शीशे पर चढ़ी काली फिल्म भी उतरवा दी।

हाईकोर्ट के आदेश लेकर एसएसपी से मिले कबाड़ी

मेरठ: डेढ़ साल से अधिक समय से बंद चल रही सोतीगंज की दुकानों को लेकर हाईकोर्ट के एक आदेश को लेकर गुरुवार को दुकानदार एसएसपी से मिले और दुकानें खुलवाने की मांग की। एसएसपी ने बात सुनने के बाद प्रार्थनापत्र एसपी सिटी को कार्यवाही के लिये भेज दिया है। गुरुवार को सोतीगंज के व्यापारी मौहम्मद असगर और दिनेश शर्मा समेत काफी संख्या में कबाड़ी एसएसपी से रोहित सिंह सजवाण से मिलने गए।

एसएसपी ने दो लोगों को बातचीत के लिये बुलाया। व्यापारियों ने एसएसपी को इलाहाबाद हाईकोर्ट के 15 फरवरी के आदेश की प्रति देते हुए कहा कि हाईकोर्ट ने कहा है कि सोतीगंज के कबाड़ियों की दुकानों को जबरन बंद करा दिया गया है। इस बारे में सोतीगंज व्यापार संघ कई बार पत्र पुलिस अधिकारियों से मिल चुका लेकिन अभी तक दुकानें नहीं खुलवाई गई जबकि प्रशासन के द्वारा मांगे गए सभी कागजात जमा किये जा चुके हैं।

जब हाईकोर्ट ने एसएसपी से सोतीगंज के दुकानदारों की वास्तविकता की रिपोर्ट मांगी गई तो पुलिस अधिकारियों ने हाईकोर्ट को अवगत कराया कि पुलिस ने दुकानों को बंद नहीं कराया है। इस पर हाईकोर्ट ने दिनेश शर्मा की याचिका पर निर्देश दिये कि विधि सम्मत संचालित होने वाले व्यवसाय में किसी भी तरह का हस्तक्षेप न किया जाए

और न परेशान किया जाए और किसी भी तरह की उत्पीड़नात्मक कार्यवाही की जाए। गौरतलब है कि पूर्व एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने सोतीगंज के काले कारोबार पर सख्ती करते हुए कई कबाड़ियों को जेल भेजकर गैंगस्टर की कार्यवाही की थी और संपत्तियां तक जब्त कराई थी।

पुलिस पर हमले के आरोपी को 10 साल की कैद

मेरठ: न्यायालय अपर जिला जज कोर्ट संख्या 15 मेरठ हर्ष कुमार अग्रवाल ने पुलिस पर जानलेवा हमला करने के आरोपी अल्ताफ उर्फ चटवा पुत्र कलवा निवासी इस्लामाबाद मेरठ को दोषी पाते हुए 10 साल के कारावास व अंकन 7 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। सरकारी वकील मुकेश मित्तल ने बताया कि वादी मुकदमा सब इंस्पेक्टर राजपाल सिंह ने थाना लालकुर्ती मेरठ में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 31 जुलाई 2009 को वह आरोपी को न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम मेरठ के यहां से फरीदाबाद कारागार जाने के लिए रोडवेज बस अड्डे पर जा रहे थे।

तभी आरोपी के अन्य साथी उनके पास आये और अपने साथी को छुड़ाने की नीयत से पुलिस पर फायरिंग कर दी। जिसमें मौके पर एक गोली कांस्टेबल ऋषि पाल के लगी थी।जिसे घायल अवस्था मे पुलिस ने अस्पताल में भर्ती करा दिया था। जिसके बाद आरोपी को पकड़ कर जेल भेज दिया था।

न्यायालय में सरकारी वकील ने बताया कि आरोपी पर अन्य राज्य सहित लगभग 20 मुकदमे में दर्ज है। जिसमे से हरियाणा राज्य में एक मुकदमे में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा मिली हुई है।न्यायालय में सरकारी वकील ने आरोपी के खिलाफ 7 गवाह पेश किए।न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी पाते हुए 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है ।

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