- मोनिका की उपलब्धि से शामली जनपद का नाम रोशन
जनवाणी संवाददाता |
थानाभवन: गांव कादरगढ़ निवासी शिक्षा विद् डॉक्टर मोनिका शर्मा को जापान की संस्था जापान हिंदी कल्चर सेंटर की सदस्य बनाकर सम्मानित किया गया है। डा. मोनिका शर्मा ने जिले का नाम रोशन किया है।
जनपद के थानाभवन क्षेत्र के गांव कादरगढ़ निवासी डा. मोनिका का बचपन से शिक्षा के प्रति लगाव रहा। उन्होंने प्रारम्भिक शिक्षा गांव की पाठशाला में हासिल की। इसके बाद उन्होंने स्नातक और स्नातकोत्तर चौधरी चरणसिंह विश्वविद्यालय मेरठ, एमफिल दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा मद्रास, उस्मानिया विश्वविद्यालय हैदराबाद से हिंदी साहित्य में पीएचडी, निजाम कॉलेज हैदराबाद से हिंदी अंग्रेजी अनुवाद अध्ययन में डिप्लोमा प्राप्त किया।
डॉक्टर मोनिका शर्मा ने एक उपन्यास ‘अस्तित्व की तलाश में सिमरन’ भी लिखा जो कि अमेजोन पर भी उपलब्ध है। यह उपन्यास काफी पसंद भी किया जा रहा है। यह उपन्यास श्री गोविंद गुरु विश्विविद्यालय गोधरा गुजरात में एमफिल में शोध कार्य के लिए जमा हो चुकी है।
साथ ही देश के दस विश्वविद्यालय की पीएचडी की रूपरेखा में शामिल हो चुका है। इसी उपन्यास पर आलोचनात्मक पुस्तक भी आ गयी है। मोनिका शर्मा ने बताया कि वह कई वर्षों से जापान की संस्था जापान हिंदी कल्चर सेंटर के लिए काम कर रही है।
उनके कार्य से खुश होकर ही संस्था की अध्यक्षा डा. रमा शर्मा ने उन्हें हिंदी कल्चर सेंटर की सदस्य नियुक्त किया है। बताया की इस संस्था में अध्यक्ष के अलावा देश से दस सदस्य हैं, जिनमें उनका नाम भी शामिल है। बताया कि वर्तमान में मोनिका शर्मा जलालाबाद के गुरु नानक कन्या इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य के पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं।
डा. मोनिका की प्रकाशित पुस्तकें
अंतिम दशक की कहानियों में वैचारिक संघर्ष, भगवतीशरण मिश्र के उपन्यास ‘लक्ष्मण रेखा’ में समकालीनता बोध, अनुवाद के विविध आयाम, समकालीन कहानियों में विविध विमर्श, समकालीन उपन्यासों में विविध विमर्श, विभिन्न परिस्थितियों में जूझती नारी, बदलते परिवेश में ग्रामीण जीवन, आधुनिक जीवन का बदलता परिवेश, प्रवासी भाषा साहित्य और समाज है।
सम्मान और पुरस्कार
पीएचडी उपाधि के उत्तमोत्तम शोध कार्य के लिए बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन पटना बिहार से शताब्दी सम्मान, साहित्य अकादमी संस्कृति परिषद मध्यप्रदेश, प्रशंसा पत्र लंदन, विश्व सहित्यरथी सम्मान, राष्ट्रीय रत्न सम्मान करनाल हरियाणा, निर्मला हिंदी साहित्य सम्मान आदि ।

