जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में रविवार तड़के कुदरत का कहर टूटा, जब दो अलग-अलग स्थानों पर बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं में सात लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए। ये आपदाएं राजबाग और जंगलोट के जोध घाटी गांवों में उस समय आईं, जब जिले में रातभर भारी बारिश हो रही थी।
बचाव व राहत कार्य जारी
कठुआ के जिला विकास आयुक्त राजेश शर्मा वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और बचाव और राहत अभियानों की निगरानी कर रहे हैं। जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवकों की मदद से तेजी से राहत कार्य चला रहा है।
जोध घाटी में बादल फटने से पांच की मौत
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जोध घाटी में बादल फटने से गांव तक पहुंचने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है और कई घरों को नुकसान भी पहुंचा है। इस घटना में पांच लोगों की मौत हुई, जबकि पांच अन्य घायल हुए हैं। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है।
Office of LG J&K tweets, "Deeply anguished by the loss of lives in the devastating rain-triggered landslides in several areas of Kathua. The tragedy is mind-numbing. Briefed Union Home Minister Amit Shah on rescue and relief operations by the army, NDRF, SDRF, police &… pic.twitter.com/ZApDL3pjHk
— ANI (@ANI) August 17, 2025
जंगलोट में भूस्खलन से दो की मौत
वहीं दूसरी ओर, जंगलोट इलाके में भूस्खलन के कारण दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इसके अलावा कठुआ थाना क्षेत्र के बगड़ और चांगडा गांवों तथा लखनपुर थाना क्षेत्र के दिलवान-हुतली इलाके में भी भूस्खलन की खबरें सामने आई हैं।
मृतकों की पहचान
रेणु देवी (39 वर्ष) – बगरा, जंगलोट
राधिका (9 वर्ष) – रेणु देवी की बेटी
सुरमु दीन (30 वर्ष) – जोड़े गांव
फानू (6 वर्ष) – सुरमु दीन का बेटा
शेडू (5 वर्ष) – सुरमु दीन का बेटा
टाहू (2 वर्ष) – हबीब दीन का बेटा
ज़ुल्फान (15 वर्ष) – बशीर अहमद की बेटी
जलाशयों में बढ़ा जलस्तर, उझ नदी खतरे के निशान पर
भारी बारिश के चलते जिले के अधिकांश जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है और उझ नदी खतरे के निशान पर बह रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए नदियों और जलाशयों से दूर रहें।
सरकारी प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जताया दुख
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कठुआ जिले में हुई जनहानि पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और प्रशासन को तत्काल राहत, बचाव व निकासी कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि नागरिक प्रशासन, सेना और अर्धसैनिक बलों को राहत और बचाव कार्यों में लगाया गया है। उन्होंने एसएसपी कठुआ शोभित सक्सेना से बात कर स्थिति की जानकारी ली।
उपराज्यपाल कार्यालय और गृह मंत्री को जानकारी
उपराज्यपाल कार्यालय ने घटना को “मन को स्तब्ध कर देने वाली त्रासदी” बताया है और गृह मंत्री अमित शाह को बचाव और राहत कार्यों की जानकारी दी है।

