Friday, March 13, 2026
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कैराना लोस: मतदाता अबकी बार बनाएंगे अनोखा रिकॉर्ड

  • भाजपा जीतती है तो कैराना से तीन बार विजय होने वाली बनेगी पहली पार्टी
  • सपा जीती तो एक सीट से परिवार के चार सदस्यों के सांसद बनने का बनेगा रिकार्ड
  • बसपा जीती तो फिर भाजपा, रालोद और जद की कतार में होगी खड़ी

राजपाल पारवा |

शामली: कैराना लोस क्षेत्र के 17 लाख, 19 हजार मतदाताओं के हाथ अबकी बार एक नया रिकार्ड बनाए जाने का अवसर आ गया है। 1962 में सृजित इस सीट पर अगर भाजपा जीतती है तो फिर उसके नाम तीन बार जीत का रिकार्ड बन जाएगी। दूसरी ओर, सपा की जीतती है तो उसके प्रत्याशी का भाजपा से भी बड़ा रिकार्ड बन जाएगा। सपा प्रत्याशी की जीत होने की स्थिति में कैराना सीट पर एक ही परिवार के चार सदस्यों के सांसद बनने का अनोखा रिकार्ड कायम हो जाएगा। दूसरी ओर, अगर बसपा को जीत मयस्सर हुई तो फिर वह भाजपा, जनता दल तथा रालोद के साथ दूसरी बार जीत हासिल करने वाली पार्टी की कतार में खड़ी हो जाएगी।

कैराना लोकसभा के अंतर्गत जनपद शामली की कैराना, थानाभवन व शामली और जनपद सहारनपुर की नकुड़ व गंगोह विधानसभा सीटें आती हैं। नकुड़ गंगोह पर जहां भाजपा का कब्जा है, वहीं थानाभवन व शामली रालोद और कैराना पर सपा का काबिज है। लोकसभा क्षेत्र में गत 16 मार्च के आधार पर 17 लाख, 19 हजार, 11 मतदाता हैं। इनमें 9 लाख, 20 हजार, 186 पुरुष तथा 7 लाख, 98 हजार, 729 महिला वोटर हैं। कैराना लोकसभा सीट 1962 में सृजित हुई थी। पहली बार यहां से निर्दलीय यशपाल सिंह सांसद निर्वाचित हुए थे।

इसके बाद मतदाताओं ने फिर कभी निर्दलीय को सांसद नहीं चुना। भारत निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, अबकी बार कैराना लोकसभा सीट के लिए मतदाता आगामी 19 अप्रैल को अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस सीट पर मतदाताओं के हाथ भाजपा, सपा और बसपा के लिए अनोखा रिकार्ड बनाए जाने का अवसर रहेगा। भाजपा ने सीटिंग सांसद प्रदीप चौधरी को चुनाव मैदान में उतारा है। अगर 4 जून को चुनाव परिणाम घोषित होने पर उनके हिस्से में जीत आती है, तो फिर भाजपा 62 वर्षों के इतिहास में कैराना लोकसभा सीट पर तीसरी बार जीत हासिल करने वाली पहली पार्टी बन जाएगी।

दूसरी ओर, अगर सपा प्रत्याशी इकरा हसन को वोटर चुनकर संसद में भेजते हैं तो फिर भाजपा से भी बड़ा रिकार्ड कैराना के हसन परिवार के नाम हो जाएगा। इकरा की जीत के साथ देश की सबसे बड़ी पंचायत संसद में दस्तक के साथ कैराना लोकसभा सीट से एक ही परिवार के चार सदस्य जीतने वाले हो जाएंगे।

बता दें, कैराना सीट पर 1984 में इकरा हसन के दादा चौ. अख्तर हसन, 1996 में उनके पिता मुव्वर हसन तथा 2009 तथा 2018 में उनकी माता तबस्सुम हसन सांसद बन चुकी हैं। इन सबके बीच मतदाताओं की पंसद अगर बसपा प्रत्याशी श्रीपाल राणा बनते हैं तो फिर बसपा, भाजपा, जनता दल और रालोद के बाद दूसरी बार जीतने वाली चौथी पार्टी बन जाएगी। हालांकि यह 4 जून को मतगणना के बाद ही पता चल पाएगा कि मतदाता किस तरह के रिकार्ड को तव्वजों देते हैं, लेकिन इतना तय है कि भाजपा, सपा और बसपा में जीते चाहे कोई भी, मगर एक अनोखा रिकार्ड जरूर कायम होगा।

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