जनवाणी संवाददाता |
कैराना (शामली): हथिनीकुंड बैराज से एक दिन पहले छोड़ें गये 3 लाख 29 हजार क्यूसेक पानी के कारण यमुना नदी खतरे के निशान से 85 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। यमुना नदी का उछाल मारता और शोर करता पानी लोगो को डरा रहा है। उधर यमुना में बाढ़ आने के कारण हजारों बीघा सब्जी, ईख और चारे की फसल जलमग्न हो गई। जिस कारण किसानों को चिंता सताने लगी है।
सोमवार सुबह 9 बजे हथिनीकुंड बैराज पर पानी का अत्यधिक दबाव बढ़ने के चलते बैराज के सभी गेट एक साथ खोल दिए गए थे। जहां से करीब 3 लाख 29 हजार क्यूसेक अपनी डिस्चार्ज किया गया था। हालांकि इसके बाद पानी की मात्रा कुछ कम होती चली गई। इतना अधिक पानी एक साथ छोड़े जाने के कारण मंगलवार सुबह यमुना नदी का उफान पर आ गई। यमुना का जलस्तर समुद्र तल से 231.85 मीटर की ऊंचाई पर बह रहा था। यमुना नदी का खतरे निशान 231 मीटर पर है। तेज बहाव के साथ यमुना नदी का उछाल मारता और शोर करता पानी आसपास के गांव के लोगों में सिरहन पैदा कर रहा है। लोगों के जहन में 2013 की यमुना की बाढ़ द्वारा मचाई गई तबाही का मंजर याद आ रहा है। वहीं यमुना में बाढ़ के कारण आसपास के किसानों की हजारों बीघा फसलों में बाढ़ का पानी भर गया है। उधर प्रशासन द्वारा यमुना के सीमावर्ती गांव में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

