Friday, April 3, 2026
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कश्मीरी पत्रकार याना मीर ने ब्रिटिश संसद में पाकिस्तानी दुष्प्रचार तंत्र की निकाली हवा, बोलीं- ‘मैं मलाला नहीं’ जिसे आतंकवाद के कारण दूसरे देश में लेनी पड़ी शरण

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: कश्मीरी पत्रकार याना मीर ने भारत की छवि को धूमिल करने के लिए पाकिस्तानी दुष्प्रचार तंत्र की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा है और वह वहां पूरी तरह से सुरक्षित और आजाद हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मीडिया से आग्रह किया कि वह केंद्र शासित प्रदेश के लोगों को बांटना बंद करे। मीर ब्रिटेन की संसद की ओर से आयोजित ‘संकल्प दिवस’ में यह बयान दिया।

‘मैं भारत में आजाद और सुरक्षित हूं…’
उन्होंने यह भी कहा कि वह मलाला यूसुफजई नहीं हैं, जिन्हें आतंकवाद के गंभीर खतरों के कारण अपने देश (पाकिस्तान) से भागना पड़ा। उन्होंने कहा, भारत हमेशा आतंकवादी ताकतों के खिलाफ मजबूत और एकजुट रहेगा। पत्रकार याना मीर ने कहा, मैं मलाला यूसुफजई नहीं हूं। मैं अपने देश भारत में आजाद और सुरक्षित हूं। मेरी मातृभूमि कश्मीर भारत का हिस्सा है। मुझे कभी भी भागकर आपके देश में शरण लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मैं कभी मलाला यूसुफजई नहीं बनूंगी।

‘मेरी मातृभूमि को बदनाम कर रही मलाला’
मीर ने कहा, मुझे मलाला के बयानों पर आपत्ति हैं, क्योंकि वह मेरी प्रगतिशील मातृभूमि को पीड़ित कहकर बदनाम कर रही है। मैं सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया के ऐसे सभी टूलकिट सदस्यों पर आपत्ति जताती हूं, जिन्होंने कभी भारतीय कश्मीर जाने की परवाह नहीं की। लेकिन, वहां के उत्पीड़न की तरह-तरह की कहानियां गढ़ते हैं।

‘भारतीय समाज को बांटने की अनुमति नहीं देंगे’
मीर ने कहा, मैं आपसे धर्म के आधार पर भारतीयों का ध्रुवीकरण बंद करने का आग्रह करती हूं। हम आपको हमें बांटने की अनुमति नहीं देंगे। इस साल संकल्प दिवस के मौके पर मुझे उम्मीद है कि ब्रिटेन और पाकिस्तान में रहने वाले अपराधी अंतरराष्ट्रीय मीडिया या अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार के मंचों पर मेरे देश को बदनाम करना बंद कर देंगे।

‘ध्रुवीकरण की कोशिशें बंद करें’
उन्होंने आगे कहा, ब्रिटेन में अपने कमरे से रिपोर्टिंग करके भारतीय समाज का ध्रुवीकरण करने की कोशिश करना बंद करें। हजारों कश्मीरी माताएं आतंकवाद के कारण पहले ही अपने बेटों को खो चुकी हैं। हमारे पीछे आना बंद करें। मेरे कश्मीरी समुदाय को शांति से रहने दें। धन्यवाद और जय हिंद।

भारतीय सेना के प्रयासों की सराहन की
कार्यक्रम के दौरान याना मीर को जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में विविधता को बनाए रखने के लिए भी पुरस्कार मिला। इसके अलावा, उन्होंने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने, बेहतर सुरक्षा, सरकारी पहलों और धन आवंटन की योजनाओं पर प्रकाश डाला। याना ने कट्टरपंथ को खत्म करने के लिए भारतीय सेना के प्रयासों की भी सराहना की।

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