- दर्जन भर किसानों का ऊन मिल में गन्ना डालने का रास्ता बाधित
जनवाणी संवाददाता |
ऊन: कई दिनों से चल रही वर्षा के कारण काठा नदी में पानी आ गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि ऊन चीनी मिल द्वारा बनाया गया अस्थाई पुल टूट गया जिससे मिल में गन्ने की सप्लाई करने में किसानों को परेशानी उठानी पडेगी।
ऊन की सुपीरियर फूड्स ग्रेन चीनी मिल द्वारा काठा नदी पर मिल के पास अस्थाई पुल बनाया गया था। पिछले चार दिनों से हो रही वर्षा के कारण काठा नदी में भारी जल प्रवाह हो गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि पुल को अपने साथ बहा ले गया जिससे आवागमन ठप हो गया।
चीनी मिल हर साल इस पुल पर मिट्टी डालकर रास्ता तैयार करता है लेकिन हर वर्ष वर्षा के कारण यह पुल टूटता रहता है। क्षेत्र के किसानों ने कई बार जनप्रतिनिधियों, प्रशासन व चीनी मिल से स्थाई पुल बनवाने की मांग की लेकिन किसी भी स्तर से कार्य नहीं हो पाया।
पुल के टूटने से चीनी मिल पर गन्ना ले जाने वाले किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इस संबंध में चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक अनिल अहलावत ने बताया कि पानी के बहाव के कारण पुल टूट गया है जैसे ही पानी कम होगा पुल पर मरम्मत कर चालू किया जाएगा।
सड़कों में गड्ढों से वाहन पलटने से हो चुके कई हादसे
इसके अलावा चीनी मिल को जाने वाले सभी रास्तों की हालत खस्ता है। हालत यह है कि सड़कों में कई-कई फीट के गड्ढे बन गए हैं। आए दिन गन्ना लदे वाहन पलटते रहते हैं। रास्तों की जर्जर हालत के चलते ही ऊन निवासी किसान अमित पुत्र ओमपाल की ट्रैक्टर पलटने से दर्दनाक मौत हो गई थी।
उक्त पुल पर भी गन्ना की ट्रॉली काठा नदी में गिर गई थी जिसमें किसान बाल-बाल बच गया था। लेकिन फिर भी प्रशासन, जनप्रतिनिधियों ने इस और कोई ध्यान नहीं दिया।
इन गांवों के ग्रामीणों को होगी परेशानी
अस्थाई पुल के टूटने से करीब एक दर्जन गांव के किसानों को चीनी मिल में गन्ना डालने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
जिसमें गागोर, बझेडी, ऊन, ढिंढाली, रंगाना भमेडी शाहपुर, सिकंदरपुर व ऊन को होकर जाने वाले सभी गांव शामिल है। अब एक मात्र रास्ता चीनी मिल पर गन्ना ले जाने हेतु है जो बहुत संकरा है, उक्त मार्ग पर गन्ने से लदे ट्रक निकलते हैं जिस पर आए दिन जाम लगा रहता है।

