- पश्चिमी उप्र के दिग्गज राजनीतिज्ञों में शुमार थे रशीद मसूद
जनवाणी ब्यूरो |
सहारनपुर: पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री काजी रशीद मसूद पश्चिमी उप्र की बड़ी सियासी हस्ती थे। हालांकि, दल तो उन्होंने भी कई बार बदला था लेकिन, लोकसभा और राज्य सभा मिलाकर कुल नौ बार सांसद रहे।
काजी रशीद मसूद केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री भी रहे और कांग्रेस सरकार मेें उन्हें एपीडा का चेयरमैन भी बनाया गया। उनका इंतकाल वाकई राजनीति के लिए बड़ी क्षति है।
बता दें कि काजी रशीद मसूद सहारनपुर की राजनीतिक राजधानी कहे जाने वाले गंगोह कस्बे के रहने वाले थे। सियासत की शुरुआत काजी साहब ने साल 1977 में शुरू की थी राजनीति। वह आम-अवाम में अपनी सेक्युलर छवि के नाते बहुत लोकप्रिय थे।
काजी साहब पांच बार लोकसभा सदस्य और चार बार राज्यसभा सदस्य रहे। वह जनता दल सरकार में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री भी रहे थे। 2012 के यूपी विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने काजी रशीद मसूद को राज्यसभा सांसद बनाया था और केंद्रीय मंत्री का दर्जा देते हुए एपीडा का चेयरमैन बनाया था।
उन्होंने पहला लोकसभा चुनाव इमरजेंसी के तुरंत बाद 1977 में लड़ा था। इस दफा काजी साहब जनता पार्टी के टिकट पर लड़े थे और विजयश्री ने उनका वरण किया था। बाद में वह जनता पार्टी (सेक्यूलर) में शामिल हो गए थे। काजी रशीद मसूद ने 1989 का लोकसभा चुनाव जनता दल के टिकट पर लड़ा था।
वह चुनाव जीते थे। काजी का सियासी सफर रुका कभी नहीं। 1990 और 91 में केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री भी रहे। वर्ष 1994 में सपा में शामिल हो गए। बाद में उन्होंने 1996 में इंडिन एकता पार्टी बनाई थी। काजी रशीद मसूद ने आखिरकार, वर्ष 2003 में समाजवादी पार्टी का झंडा उठाया।
वर्ष 2004 में उन्होंने सपा के टिकट पर लोकसभा का चुनाव सहारनपुर सीट से लड़ा और जीत दर्ज कराई। 2012 यूपी विधानसभा चुनाव से पहले काजी रशीद मसूद कांग्रेस में आ गए। इसके बाद उनका समयचक्र थोड़ा खराब हुआ। वह केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री रहने के दौरान एमबीबीएस के भर्ती मामले में सजा होने पर जेल गए और इसी के साथ राज्यसभा की सदस्यता भी चली गई। रशीद मसूद के बारे में यह भी बता दें कि लोकसभा के 2009 के चुनाव हार का सामना करना पड़ा।
मुलायम ने लड़ाया था उप राष्ट्रपति चुनाव
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने रशीद मसूद को वर्ष 2007 में उप राष्ट्रपति का चुनाव लड़ाया था। वह संयुक्त राष्ट्रीय प्रगतिशील गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े थे। इस चुनाव में प्रतिभा पाटिल विजयी हुईं थी। मसूद 75 वोट हासिल कर तीसरे नंबर पर रहे थे।
ये है काजी रशीद मसूद का सियासी सफरनामा:
- वर्ष 1974 में नकुड़ विधानसभा क्षेत्र से पहला चुनाव लड़े और हार गए।
- वर्ष 1977 में जनता पार्टी से लोकसभा का चुनाव सहारनपुर सीट से जीते।
- वर्ष 1980 में लोकदल से सहारनपुर सीट से लोकसभा चुनाव जीते।
- वर्ष 1984 में लोकसभा का चुनाव भारतीय किसान कामगार पार्टी से चुनाव लड़े और हारे।
- वर्ष 1986 में राज्यसभा सदस्य लोकदल से बने।
- वर्ष 1989 में जनता दल से लोकसभा का चुनाव जीते और केंद्र सरकार में स्वास्थ्य राज्यमंत्री रहे।
- वर्ष 1991 में लोकसभा का फिर जनता दल से चुनाव जीते।
- वर्ष 1996 में लोकसभा का चुनाव सपा से लड़े और भाजपा के नकली सिंह से हारे।
- वर्ष 1997 में लोकसभा का चुनाव सपा से हारे।
- वर्ष 1999 में लोकसभा का चुनाव राष्ट्रीय लोकदल से लड़े और हारे।
- वर्ष 2004 में लोकसभा का चुनाव सपा से लड़े और जीते।
- वर्ष 2009 में लोकसभा का चुनाव सपा से लड़े और हारे।
- वर्ष 2010 में कांग्रेस ने राज्यसभा में भेजा और साल भर में ही एपीडा का चेयरमैन बना दिया।
काजी का संक्षिप्त जीवन परिचय:
नाम : काजी रशीद मसूद
पिता का नाम : स्व. काजी मसूद।
जन्म तिथि: 15 अगस्त 1947
शिक्षा : एमए एलएलएम, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय।
पत्नी : सलेहा मसूद
पुत्र : शाजान मसूद।
बेटी : साजिया मसूद।


Nice कवरेज