Saturday, March 14, 2026
- Advertisement -

केरल के राज्यपाल के आदेश से मचा हड़कंप, पढ़िए- पूरी खबर

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: केरल के नौ विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने इस्तीफा देने के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के आदेश को चुनौती देते हुए केरल उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। सभी कुलपतियों ने इस्तीफे पर रोक लगाने की मांग की थी। केरल उच्च न्यायालय ने याचिकाओं पर विचार करने के लिए आज शाम 4 बजे विशेष बैठक की।

इसके बाद केरल हाईकोर्ट ने कहा कि जब तक कुलाधिपति कारण बताओ नोटिस के बाद अंतिम आदेश जारी नहीं करते, विभिन्न विश्वविद्यालयों के सभी 9 वीसी अपने पद पर बने रह सकते हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता कानून के पूर्ण अनुपालन में तब तक अपने पद पर बने रहेंगे, जब तक कि चांसलर अंतिम आदेश जारी नहीं करते।

बता दें कि केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमों के विपरीत सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के मद्देनजर राज्य के नौ विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर से सोमवार सुबह तक इस्तीफा देने को कहा है। वहीं इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आने लगी हैं।

राज्यपाल का आदेश कानूनी तौर पर टिकेगा नहीं: सीताराम येचुरी

केरल के राज्यपाल द्वारा 9 विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को सोमवार तक इस्तीफा देने के निर्देश पर CPI-M नेता सीताराम येचुरी ने कहा है कि उनके पास इसका कोई अधिकार नहीं है और न ही संविधान उन्हें ऐसा करने का अधिकार देता है। उन्होंने जो फरमान जारी किया है..हम समझते हैं कि ये कानूनी तौर पर टिकेगी नहीं। उन्होंने कहा कि इसके पीछे उनका उद्देश्य स्पष्ट है कि केरल की उच्च शिक्षा व्यवस्था पर कब्जा करना है और सभी जगहों पर RSS के कार्यकर्ताओं को नियुक्त करना ताकि शिक्षा व्यवस्था बिगड़े और उनकी सांप्रदायिक ध्रुवीकरण एजेंडा आगे चले।

राज्यपाल पर भड़कीं केरल की उच्च शिक्षा मंत्री

केरल के उच्च शिक्षा मंत्री आर बिंदू ने राज्यपाल के इस कदम की निंदा करते हुए कहा कि क्या इतिहास में देश के किसी राज्यपाल ने इस तरह से किए हैं? इसे सरकारी गतिविधियों में हस्तक्षेप करने के प्रयास के रूप में देखा जा सकता है। हमारे विश्वविद्यालय असाधारण उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं लेकिन राज्यपाल के इस कदम की वजह से छवि खराब हो रही है।

इन विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को इस्तीफा देने के लिए कहा गया

जिन विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को इस्तीफा देने के लिए कहा गया उनमें केरल विश्वविद्यालय, महात्मा गांधी विश्वविद्यालय, कोचीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कन्नूर विश्वविद्यालय, एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय, श्री शंकराचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, कालीकट विश्वविद्यालय और थुंचथ एज़ुथाचन मलयालम विश्वविद्यालय समेत कुल नौ विश्वविद्यालय शामिल हैं।

कुलपतियों को जारी किया नोटिस, 3 नवंबर तक जवाब देने को कहा

राज्यपाल आरिफ खान ने संबंधित कुलपतियों को तीन नवंबर या उससे पहले शाम पांच बजे तक कारण बताने के लिए नोटिस जारी किया है। कुलपति के रूप में पद पर बने रहने का उनका कानूनी अधिकार रहेगा और उनकी नियुक्ति को शुरू से ही अवैध घोषित नहीं किया गया।

खान ने कहा, मैंने (कन्नूर) कुलपति को अपराधी कहा। उस व्यक्ति के लिए मुझे और कौन से शब्दों का इस्तेमाल करना चाहिए जो मुझ पर हमले के लिए मुझे कन्नूर बुलाता है? मैं सुरक्षा विशेषज्ञ नहीं हूं, इसलिए रिपोर्ट नहीं दे सकता।राज्यपाल ने आगे कहा, आप मुझे बुलाते हैं, आप स्वीकृत कार्यक्रम का उल्लंघन करते हैं, और आप हर दिशानिर्देश का उल्लंघन करते हैं। एक साजिशकर्ता ही ऐसा कर सकता है। इसे और कौन कर सकता है।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

छोटे बच्चों की करें उचित परवरिश

नीतू गुप्ता साफ-सुथरा, हंसता मुस्कुराता बच्चा सभी को अच्छा लगता...

पर उपदेश कुशल बहुतेरे

सही कहा है, दूसरों को उपदेश देने वाले एक...

मराठा कूटनीति के चाणक्य नाना फड़नवीस

मराठा साम्राज्य का संदर्भ आते ही आंखों के सम्मुख...

नीतीश कुमार का अंतिम दांव

बिहार की राजनीति में बहुविध हलचल है। मुख्यमंत्री नीतीश...
spot_imgspot_img