Sunday, March 15, 2026
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खादर भूमि विवाद: पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश, टकराव के आसार

  • पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने जोती कृषि भूमि, हमलावर फरार

जनवाणी संवाददाता |

किठौर: खादर के भूमि विवाद में फायरिंग व पुलिस टीम पर हमले से क्षुब्ध अधिकारी एक्शन मोड में हैं। मुख्यारोपी चीकू बढला को जेल भेजने के बाद मंगलवार को दो पुलिस टीमों ने एकसाथ अन्य हमलावरों के घर दबिश दी, लेकिन कोई हाथ नहीं लगा। टीमें फरार हमलावरों को शीघ्र पेश करने की चेतावनी देकर लौट गईं। पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई से हमलावरों के परिवारों में भय और तनाव का माहौल है। उधर, पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने साथियों संग दिनभर विवादित भूमि पर जुताई की। स्थिति देख लोग टकराव की आशंका जता रहे हैं।

रविवार रात भगवानपुर खादर में शिवसदन मंडी के पास स्थित 12 एकड़ कृषि भूमि पर कब्जे के विरोध में हिस्टीशीटर चीकू बढ़ला और सेवादारों उपकार सिंह, कुलवंत सिंह खारा, राजेंद्र सिंह, निर्मल सिंह, सेठी इकबाल उर्फ काली ने पूर्व ब्लाक प्रमुख केपी खुंटी पक्ष पर फायरिंग कर दी थी। जिसमें केपी खुंटी बाल-बाल बचे थे। सूचना पर पहुंची किठौर पुलिस पर भी आरोपियों ने हमला किया।

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तत्पश्चात सीओ संजीव दीक्षित सर्किल की फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे और मुख्यारोपी चीकू को पकड़कर पिटाई के बाद जेल भेज दिया। एक्शन प्लान के तहत मंगलवार को दो पुलिस टीमें बनीं जिन्होंने एकसाथ फरार हमलावरों की तलाश में दबिश दीं, लेकिन कोई हाथ नहीं लगा। एसएसआई नरेश कुमार ने फरार हमलावरों के परिजनों को उन्हें शीघ्र पेश करने की चेतावनी दी है।

पुलिस कार्रवाई से हमलावरों के परिजनों के चेहरों पर भय और तनाव साफ दिख रहा है। उधर, केपी खुंटी ने साथियों संग दिनभर विवादित भूमि पर जुताई की। बता दें कि वर्ष 2013-14 में केपी ने यह भूमि शिवसदन के सेवादार सुक्खा सिंह से खरीदी थी, लेकिन तभी से दूसरे सेवादार उन्हें कब्जा नहीं दे रहे थे।

उच्चाधिकारियों से गुहार के बाद शुक्रवार को पुलिस और राजस्व विभाग ने पैमाइश कर मेढ़बंदी कर दी, लेकिन विरोधी पक्ष ने मेढ़ और खेत में बोई चारे की फसल को रौंद डाला। स्थिति देख यहां टकराव की आशंका जताई जा रही है।

घातक हैं खादर के भूमि विवाद

शिवसदन की भूमि से विवादों का गहरा नाता है। दस वर्ष से यहां बैनामों और कब्जों को लेकर सेवादारों व क्रेताओं के बीच विवाद चल रहे हैं। तहसील कर्मियों की सेटिंग से दर्जनों बैनामें यहां फर्जी भी हुए हैं। दर्जनों बार फायरिंग में करीब आधा दर्जन लोगों की हत्याएं हो चुकी हैं।

खादर भूमि विवाद में आसपास के कई नामचीन लोग सलाखों के पीछे जाकर बबार्दी के कगार पर पहुंच गए। 1983 में बाबा बिरसा सिंह द्वारा स्थापित किए गए शिवसदन ट्रस्ट पर शुरुआती दौर में चार हजार एकड़ कृषि भूमि थी। मगर अब 1200 एकड़ शेष है।

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