जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पंजाब के किसान स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, एमएसपी पर गारंटी, लखीमपुर खीरी हादसे पर सख्त कार्रवाई करने जैसी कई मांगों पर अड़े हैं। उन्हें दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए हरियाणा में सुरक्षा के काफी कड़े इंतजाम हैं।
दातासिंह वाला बॉर्डर पर लगातार आसु गैस गोले छोड़ने, धुआं उठने, लाठियां चलने तथा पत्थरीबाजी की आवाज आ रही है। इस पत्थरबाजी व लाठीचार्ज में पांच पुलिस कर्मचारी घायल हो गए। कुछ किसानों को भी चोट आई है। जींद के दातासिंह वाला बॉर्डर पर 5 पुलिस कर्मचारी घायल हुए हैं, जिनको नागरिक अस्पताल नरवाना में दाखिल करवाया गया है, जबकि किसानों को दूसरे किसान किसी अन्य अस्पताल में ले गए।
दातासिंह वाला बॉर्डर पर दो बजे तक स्थिति ठीक थी, लेकिन इसके बाद हालात खराब होते चले गए। पंजाब से काफी संख्या में किसान यहां पहुंच गए और सड़क पर लगाई कीलाें को उखाड़ना शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने आसू गैस के गोले दागे और वाटर कैनन से पानी बरसाना शुरू कर दिया। उधर किसानों ने भी पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी।
इस झड़प में पांच पुलिस कर्मचारी हो गए जबकि कुछ किसान भी घायल हुए हैं। पुलिस कर्मचारियों को नागरिक अस्पताल नरवाना में दाखिल करवाया गया है। वहीं किसानों का पता नहीं चला कि वह घायल होने के बाद किस अस्पताल में गए हैं। किसानों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा जा रही है। खेतों में किसानों का लगातार पुलिस पीछा कर रही है। हालत अब बेकाबू होते जा रहे हैं।
जींद में शुगर मिल को बनाया अस्थायी जेल
वहीं जिला प्रशासन ने झांझ गांव के पास स्थित शुगर मिल को अस्थाई जेल बना दिया गया है। महानिदेशक जेल द्वारा आदेश दिए गए हैं कि चीनी मिल को अस्थायी तौर पर जेल बना दिया गया है। यहां पर डाॅ. मनदीप, औषधाकारक, पवन जैन जेल उपाधीक्षक के साथ सामंजस्य स्थापित कर अस्थायी जेल में ड्यूटी करेंगे।
किसान आंदोलन को देखते हुए सभी अधिकारियों व कर्मियों के अवकाश रद्द
किसान आंदोलन को देखते हुए मंगलवार से आगामी आदेशों तक अधिकारी व कर्मचारियों की छुट्टी को रद्द करने के आदेश दिए गए हैं। केवल चिकित्सीय अस्पताल की स्थिति में सीएमओ जींद से चिकित्सा प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद ही सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बाद अवकाश की अनुमति दी जाएगी। उपायुक्त डॉ. मोहम्मद इमरान रजा ने आदेशों को सख्ती से पालन के लिए कहा है।

