- विभागीय अधिकारियों ने अर्थिंग के प्रति लोगों को किया जागरूक
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: प्राणी से लेकर उपकरणों तक की सुरक्षा के लिए अपने भवन में जहां अर्थिंग किया जाना बेहद जरूरी है, वहीं अर्थ न होने से आपका इलेक्ट्रॉनिक मीटर कभी भी जंप करने भारी भरकम बिल की आर्थिक चोट पहुंचने कारण बन सकता है।
सोमवार 29 अगस्त के अंक में दैनिक जनवाणी ने बिल्डिंग में अर्थ का तार न लगाए जाने से होने वाले नुकसान पर एक स्टोरी प्रकाशित है।
इसके अगले पार्ट में विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण तथ्य की ओर ध्यान आकर्षित कराया है। उनका कहना है कि परिसर में अर्थ का तार न होने के कारण बिजली का करंट उपकरणों से लेकर दीवारों तक में बिखर जाता है। ऐसे में दीवार में नमी होने पर उसे छूने वाले हादसे का शिकार हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अर्थिंग किए जाने से करंट का बिखराव रुक जाता है और प्रयोग से अधिक करंट प्रवाहित होने की स्थिति में वह अर्थ के तार के माध्यम से जमीन में उतरकर खतरे की आशंका को दूर कर देता है।

यह तो हुई परिसर में रहने वाले सभी प्राणियों से लेकर अपने उपकरणों तक की सुरक्षा की बात, तकनीकी विशेषज्ञों के शोध में इससे भी महत्वपूर्ण तथ्य यह निकलकर सामने आ चुका है कि करंट का बिखराव सीधे-सीधे इलेक्ट्रॉनिक मीटरों को बुरी तरह प्रभावित करने की क्षमता रखता है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जिन भवनों में अर्थिंग की हुई होती है, वहां लगे मीटर से गलत रीडिंग बताने का कोई मामला सामने नहीं आता है। वायसिंग वोल्टेज मीटर में होती है, जिसको स्थिरता देने का काम अर्थ का तार करता है।
इसके विपरीत जिन मकानों या व्यवसायिक परिसरों में अर्थ का तार नहीं होता, वहां के मीटरों में कई जगह यह शिकायत मिलती है कि वे जंप कर जाते हैं और बहुत ज्यादा रीडिंग दिखा देते हैं। विभागीय अधिकारियों का साफ कहना है कि अर्थ का तीन मीट जमीन के अंदर डाला गया तार न केवल करंट लगने की आशंका और उपकरणों को नुकसान पहुंचने के कारण को दूर करता है, वहीं इलेक्ट्रॉनिक मीटर में आने वाले किसी भी फाल्ट को रोकता है।

