जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता और अन्य हिस्सों में रविवार की रात सैकड़ों महिलाओं ने सड़क पर उतरकर ‘रिक्लेम द नाइट’ अभियान को दोबारा शुरू किया। महिलाओं ने सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक डॉक्टर के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले में न्याय की मांग की।
इस अभियान के दौरान रुक-रुक कर बारिश होती रहीं। लेकिन सभी आयु वर्ग की महिलाएं जादवपुर, गरिया, बेहाल पर्नाश्री, खाना, लेक टाउन और अन्य शहरों में एकत्र हुईं और ‘हमें न्याय चाहिए’ (वी वांट जस्टिस) के नारे लगाए। निर्देशक अरिंदम सिल, कौशिक गांगुली और अभिनेत्री चुरणी गांगुली जैसी बांग्ला सिनेमा की प्रमुख हस्तियों ने भी प्रदर्शन किया और पीड़िता के लिए न्याय की मांग की।
वहीं, दिल्ली में रेजीडेंट डॉक्टरों के संघ (आरडीए) ने कैंडल मार्च निकाला और जनता से बातचीत करके घटना के बारे में जागरूकता बढ़ाने की कोशिश की।
बड़े पैमाने पर हो रहे विरोध प्रदर्शन से पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर अपराध के प्रबंधन को लेकर दबाव बढ़ गया है। पीड़िता के माता-पिता ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया है कि वह जनता के आक्रोश को दबाने की कोशिश कर रही हैं। कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने मामले की जांच कोलकाता पुलिस से अपने हाथ में ली है। सीबीआई की टीम ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में आपातकाली वार्ड का थ्री डी लेजर मैपिंग की और मुख्य आरोपी का मनोवैज्ञानिक परीक्षण भी किया।
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म और हत्या के मामले का संज्ञान लिया है। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला, न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ मंगलवार को मामले पर सुनवाई करेगी।

