- डीआईजी मुरादाबाद ने शिकायत पर कराया था स्टिंग आपरेशन, अब कुल आरोपी हुए सात
जनवाणी संवाददाता |
नजीबाबाद: नजीबाबाद-कोटद्वार मार्ग पर उत्तराखंड बार्डर की जाफरा चौकी पर डीआईजी मुरादाबाद की ओर से अपनी टीम को भेजकर कराए गए स्टिंग आपरेशन में पुलिसकर्मियों के इशारे पर तीन प्राइवेट लोगों को वाहनों से अवैध वसूली करते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया गया था।
इस मामले में नजीबाबाद कोतवाल और जाफराबाद चौकी प्रभारी तथा दो कांस्टेबिल समेत चार को निलंबित किया गया था। इस मामले में चौकी प्रभारी समेत छह लोगों के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज किया गया था। बाद में रिपोर्ट में निलम्बित कोतवाल को भी नामजद किया गया है।
बुधवार की देर शाम डीआईजी शलभ माथुर सादे वेश में प्राइवेट गाड़ी से नजीबाबाद कोतवाली की नेशनल हाइवे-119 पर नजीबाबाद-कोटद्वार के बीच स्थित जाफराबाद पुलिस चौकी पहुंचे थे। उन्होंने अपनी टीम से उक्त चैक पोस्ट पर दो दिनों तक स्टिंग आपरेशन चलवाया था।
उक्त टीम ने तीन बाहरी व्यक्तियों को पुलिस चैक पोस्ट पर वाहनो से पैसा वसूल करते पाए जाने पर वीडियों भी बनवायी थी।औऱ रात में ही नजीबाबाद कोतवाली पर चौकी प्रभारी एसआई रामेश्वर सिंह, हैड कांस्टेबिल जफरुद्दीन, कांस्टेबल आशीष कुमार, नजीबाबाद के जाब्तागंज निवासी सचिन शर्मा व मौहम्मद शाकिर तथा ग्राम कोतवाली थाना नगर बिजनौर के ग्राम सालमाबाद निवासी हर्षवर्धन के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की सम्बन्धित धाराओं में केस दर्ज कराया था।
चौकी पर वसूली के मामले की गंभीरता को देखते हुए नजीबाबाद के कोतवाल सत्यप्रकाश को भी शिथिल पर्यवेक्षण के आरोप में निलंबित किया गया । वहीं चौकी प्रभारी और दो पुलिसकर्मी भी निलंबित हुए हैं। मामले की विवेचना सीओ को सौंपी गयी है।
मौके से पकड़े गए सचिन शर्मा, हर्षवर्धन सिंह, मौ शाकिर ने पूछता़छ में बताया था कि इस काम के लिए उन तीनों को जाफराबाद चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी तीन-तीन सौ रूपये प्रतिदिन के हिसाब से देते हैं। अवैध वसूली का पैसा थाना प्रभारी नजीबाबाद सत्यप्रकाश सिंह को देते है।
इन बयान को देखते हुए रिपोर्ट में कोतवाल रहे सत्य प्रकाश सिंह को नामजद कर दिया है। सीओ गजेन्द्र पाल सिंह ने बताया कि उक्त मामले में कोतवाल सत्य प्रकाश सिंह के खिलाफ भी सम्बन्धित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आरोप लगाया जाना और आरोपी होना दोनो जांच का विषय हैं।

