- अब तक आठ हजार से ज्यादा लोगों के लिए सैंपल
- कर्तव्य को पराक्रम में बदल निभा रहीं जिम्मेदारी
वरिष्ठ संवाददाता |
सहारनपुर: कर्तव्य एक पराक्रम की तरह होता है, जो बंधता नहीं बल्कि बांधता है, खुद को अपने नियमों में। अपने दायित्व के प्रति निर्वहन में कोताही कदापि नहीं। स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ इसी कर्तव्य का पालन कर रही हैं श्रीमती अमिता। दरअसल, अमिता लैब टेक्नीशियन हैं, यहां के सेठ बलदेव दास बाजोरिया जिला अस्पताल में।
कोरोना का संक्रमण जब से फैला है, अमिता की जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं। वह कोरोना सेंटर, आइसोलेशन वार्ड में ही नहीं, जगह-जगह लोगों के सैम्पल लेते हुए देखी जा सकती हैं। अब तक अमिता ने आठ हजार से ज्यादा लोगों के सैंपल लिए हैं। यह काम बेशक जोखिम भरा है पर उनको इसकी परवाह नहीं।
वह कहती हैं कि हम अपना दायित्व निभा रहे हैं। जिम्मेदारी से मुकरना तो कायरों का काम है। हम स्वास्थ्यकर्मियों की असली अग्नि परीक्षा का तो यही समय है। हालांकि, इस बीच कई स्वास्थ्यकर्मी भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए, लेकिन अमिता जरा भी विचलित नहीं हुईं।
शहर के साहब जी नगर की रहने वाली अमिता के पति भी हेल्थ वर्कर हैं। घर में पति के अलावा तीन बच्चे भी हैं। ऐसे में घरेलू जिम्मेदारियां भी कम नहीं हैं, लेकिन अमिता जब तक ड्यूटी पर रहती हैं, तब तक घर की चिंता से मुक्त होकर अपने दायित्व का निर्वाह करती हैं। जब घर जाती हैं तो गृहिणी की भूमिका में रहती हैं।
घर का खाना बनाना, बच्चों की परवरिश, अन्य परिजनों की देखभाल भी उनकी जिंदगी का एक हिस्सा है। कोरोना के दौर में उन्होंने मिसाल पेश की है। बिना कोई छुट्टी लिए वह लगातार ड्यूटी कर रही हैं।
अमिता कहती हैं कि वह सैंपल लेने के साथ-साथ लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक भी करती हैं। वह कहती हैं कि परिवार का दायित्व अपनी जगह है और नौकरी का अपनी जगह। दोनों में संतुलन बनाए रखना कठिन तो है पर जिंदगी इसी का नाम है।
गौरतलब है कि जनपद सहारनपुर में सैंपलिंग बढ़ने के साथ कोरोना के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। अभी तक सहारनपुर जनपद में करीब 1.09 लाख लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। इसमें 4245 लोग कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं। करीब 2724 लोग इलाज से ठीक हो चुके हैं।

