Thursday, March 26, 2026
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पशु चिकित्सालयों में दवाईयोें का अभाव

  • बीमार पशुओं को नहीं मिल रहा सरकारी दवाइयों का सहारा
  • शहर के अलावा जिले के तमाम पशु चिकित्सालयों में नहीं हैं पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: जिले के अधिकांश सरकारी पशु चिकित्सालयों पर बीमार पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध नहीं हैं। जिसके चलते बीमार पशुओं को सरकारी दवाइयों का सहारा नहीं मिल पा रहा है। उधर पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध न होने के कारण सरकारी पशु चिकित्सालयों पर तैनात पशु चिकित्सक पशुपालकों को पर्चा लिखकर प्राइवेट मेडिकल स्टोर से दवाइयां खरीदनें की सलाह दे रहे हैं।

शहर के अलावा जिले के तमाम पशु चिकित्सालयों पर पशु की बिमारी के अनुरूप उपयुक्त दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि कुछ दवाइयां पशु चिकित्सालयों में उपलब्ध हैं, लेकिन रोग के मुताबिक पशु चिकित्सालयोें पर दवाइयों का भारी टोटा है। जहां एक ओर शहर में गाय, भैंस, पालतू कुत्ते-बिल्ली और बकरियों को सरकारी पशु चिकित्सालय से बीमारी के अनुरूप दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं।

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वहीं, दूसरी ओर जिले के सरधना, मवाना, रोहटा आदि क्षेत्रों में भी पशु चिकित्सालयों पर दवाइयों की भारी कमी है। पशुपालकों द्वारा बताया जा रहा है कि जब पशु चिकित्सालय पर पशुपालक अपने पशु को बीमार होने की दशा में उनका उपचार कराने के लिए जाते हैं। तो बिमारी के अनुसार उन्हें सभी दवाइयां उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। पशु चिकित्सकों द्वारा उपलब्ध दवाइयां देने के बाद बाकी की दवाइयां प्राइवेट मेडिकल स्टोर से खरीदने के लिए पर्चे पर लिख दी जाती है।

पशु चिकित्सक द्वारा कहा जाता है कि सभी दवाइयां पशु चिकित्सालय पर उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में शहर के अलावा जिले के पशुपालकों को अधिकांश रूप से प्राइवेट मैडिकल स्टोर से दवाइयां खरीद कर अपने पशुओं का इलाज कराना पड़ रहा है। पशुपालकों ने सरकारी पशु चिकित्सलाय पर सभी दवाइयां उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है।

बीमार पशुओं के इलाज के लिए जो दवाइयांं पशु चिकित्सालय पर उपलब्ध हैं, वो पशुपालकों को बिना किसी देरी के उपलब्ध कराई जा रही हैं, लेकिन जो दवाइयां पशु चिकित्सालय पर उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें पशु हित में पशु चिकित्सक द्वारा लिख दिया जा रहा है। ताकि पशु के इलाज में कोई बाधा उत्पन्न न हो। पशु चिकित्सालयों पर सभी दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए मुख्यालय को अवगत कराया जाएगा। -डा. अखिलेश गर्ग, मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी, मेरठ

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