- श्रद्धालुओं ने बाबा भोलेनाथ को प्रसन्न करने और उनकी कृपा पाने को की पूजा-अर्चना
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: महाशिवरात्रि के अवसर पर बाबा औघड़नाथ मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। इनमें हजारों की संख्या में कावड़िया भी शामिल रहे। इसके अलावा महानगर के विभिन्न शिवालियों में भक्तों ने जलाभिषेक करते हुए बाबा भोलेनाथ को प्रसन्न करने और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर मंदिर परिसर को फूलों और रंग बिरंगी लाइटों से सजाया गया।

बाबा औघड़नाथ मंदिर को काली पलटन मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। मंदिर में प्रात: 4:00 बजे से अभिषेक करने का सिलसिला शुरू किया गया। बाबा औघड़ नाथ मंदिर के बाहर की गई बैरिकेडिंग। देर रात से ही हजारों की संख्या में शिव भक्त पहुंचना शुरू हो गए। मंदिर में जल अभिषेक का सिलसिला रात तक जारी रहा। अभिषेक और पूजा-अर्चना करने के लिए उमड़े भक्तों में महिला, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल रहे।

काफी संख्या में दंडवत होकर लेटते हुए श्रद्धालु भी मंदिर पहुंचे। इस अवसर पर पुलिस प्रशासन की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। एसपी सिटी ने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर सुरक्षा इंतजाम का जायजा लिया। जलाभिषेक को देखते हुए मंदिर मार्ग की ओर जाने वाला रूट डायवर्ट करके रखा गया। मंदिर परिसर में काफी संख्या में सादा वर्दी में पुलिसकर्मी लगाए गए।

वहीं सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन की मदद से निगरानी रखी गई। मंदिर समिति के पदाधिकारियों का अनुमान है कि महाशिवरात्रि के अवसर पर बाबा औघड़नाथ मंदिर में करीब दो लाख श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करके पुण्य अर्जित किया। समिति अध्यक्ष सतीश सिंघल और महामंत्री सुनील गोयल के अनुसार मंदिर कमेटी की ओर से बैरिकेडिंग की व्यवस्था, जल की व्यवस्था, निशुल्क जूता घर की व्यवस्था, पर्याप्त लोटों की व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था, जनरेटरों से बिजली की व्यवस्था, एक्स्ट्रा गार्ड की सुरक्षा व्यवस्था की गई।
मंदिर समिति के कार्यालय में मौजूद अध्यक्ष महामंत्री उपाध्यक्ष समेत विभिन्न पदाधिकारी ने श्रद्धालुओं की सेवा का पुनीत कार्य किया इस अवसर पर समिति की ओर से आगामी वर्ष की पंचांग पत्रिका का निशुल्क वितरण भी किया गया। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित श्रीधर शास्त्री ने चार पहर की आरती का आयोजन कराया। महाशिवरात्रि के अवसर पर औघड़नाथ मंदिर के बाहर विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से कैंप लगाकर भंडारों का आयोजन किया गया।

वहीं कुछ संगठनों ने ठंडाई पिलाने का कार्य भी किया। इस अवसर पर मंदिर की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर मेला लगा रहा। जिसमें लगाई गई अस्थायी दुकानों पर खेल खिलौने के साथ-साथ धार्मिक सामग्री की भी खूब बिक्री हुई। इसके अलावा महानगर के विभिन्न सेवाओं में श्रद्धालुओं ने जल अभिषेक और पूजा अर्चना करते हुए पुण्य अर्जित किया।

