Monday, March 23, 2026
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Meerut News: लालकुर्ती थाना पुलिस ने 234 कारतूसों के साथ तीन बदमाशों को किया गिरफ्तार, पांच फरार

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: लालकुर्ती थाना पुलिस और स्वॉट टीम ने संयुक्त कार्रवाई में दिल्ली के नीरज अवाना गैंग को कारतूस बेचने वाले गैंग का भंडाफोड़ करते हुए तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 234 कारतूस बरामद करने का दावा किया है। गिरफ्तार पिछले दो साल से अवाना गैंग को कारतूस बेच रहे थे। गिरफ्तार बदमाशों के पांच साथी अभी फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।

रविवार को एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में कारतूस बेचने वाले गैंग की जानकारी दी। एसपी सिटी ने बताया कि स्वॉट टीम प्रभारी अरुण मिश्रा तथा लालकुर्ती थाना प्रभारी हरेंद्र पाल सिंह ने टीम के साथ की संयुक्त कार्रवाई में मुखबिर की सूचना पर चेकिंग के दौरान अवैध कारतूस सप्लाई करने वाले तीन बदमाश गिरफ्तार किए हैं। इनमें मवाना थाना क्षेत्र के ग्राम सठला निवासी शारिब पुत्र फरीद व हैदर खान पुत्र लईक अहमद उर्फ भूरा के अलावा कस्बा मवाना निवासी उवैद खान पुत्र जावेद शामिल हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों के कब्जे से 234 कारतूस बरामद किए हैं। इनमें 204 कारतूस 12 बोर तथा 30 कारतूस 315 बोर के हैं। साथ ही, एक अपाचे बाइक तथा दो मोबाइल भी बरामद किए गए हैं। इसके अलावा गिरफ्तार बदमाशों के पांच साथी अभी पुलिस पकड़ से बाहर हैं। फरार बदमाशों में ग्राम सठला का शाकिर पुत्र फरीद, कदीम पुत्र आफाक तथा कस्बा मवाना का जोनी पुत्र डॉ. महबूब, अहद उर्फ राजा उर्फ पख्तूनी पुत्र मेहराजुद्दीन तथा भूरा पुत्र माजिद शामिल हैं।

200 रुपये में बेच रहे थे मौत का सामान

एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि गिरफ्तार बदमाशों के हवाले से बताया कि वे गांव सठला के शाकिर का भाई शारिब, जीजा कदीम तथा कस्बा मवाना निवासी जोनी पुत्र डॉ. महबूब, अहद उर्फ राजा उर्फ पख्तूनी व भूरा एवं फईम लंगडा दिल्ली के नीरज अवाना गैंग के लिए काम करते हैं। नीरज अवाना इस समय जेल में है। काफी समय से कारतूसों की सप्लाई व खरीद फरोख्त कर बिक्री करने का काम कर रहे हैं। कारतूसों को घातक बनाने के लिये समपरिवर्तित भी करते थे। लगभग पिछले दो साल से यह काम कर रहे हैं। एक कारतूस 150 से 200 रुपये में बेचते हैं। बदमाशों ने पुलिस को बताया कि बरामद कारतूस अहद उर्फ राजा उर्फ पख्तूनी ने माल रोड पर भूरा व के सम्पर्क में जोनी को देने के लिए दिए थे।

सठला में पुलिस फोर्स के साथ एसओजी टीम की दबिश

मवाना (जनवाणी): रविवार को एसओजी टीम ने सीओ सौम्या अस्थाना के नेतृत्व में आरआरएफ, थाना पुलिस फोर्स के साथ थाना क्षेत्र के गांव सठला में आधा दर्जन घरों में दबिश दी। जिनमें से अधिकांश घरों पर तालाबंदी मिली और बदमाश परिवारों के साथ फरार मिले। एसओजी के सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि सठला निवासी परवेज उर्फ गौरी खान जोकि दिल्ली का बड़ा अपराधी है और इस पर दिल्ली में दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसके खिलाफ दिल्ली पुलिस द्वारा मकोका तक की कार्रवाई की गई थी। इसके अलावा माजिद खान, नईम खान सहित करीब आधा दर्जन घरों में दबिश दी गई। वहीं, दो दिन पूर्व ही सठला गांव से ही कारतूस की बड़ी खेप पकड़ी गई थी। इन्हीं लोगों के घरों और ठिकानों से ही कारतूस आदि की खेप पकड़ी गई थी।

झुग्गी-झोपड़ी में रह रहे 600 बांग्लादेशियों का सत्यापन

जनवाणी संवाददाता

मेरठ: पहलगाम की आतंकी घटना के बाद सेना द्वारा पीओके तथा पाकिस्तान में सर्जीकल स्ट्राइक कर आतंवादियों के नौ ठिकानों को नेस्तानाबूद कर दिया। इसके बाद भारत-पाक के बीच सीमा पर जमकर गोलीबारी हुई। इन परिस्थितियों के बीच बांग्लादेश सरकार की भूमिका का देखते हुए पुलिस और खुफिया विभाग की नजर जनपद में रह रहे बांग्लादेशी पर जम गई है। जिस पर लोहिया नगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने अभियान चलाकर 600 बांग्लादेशी का सत्यापन किया है। पिछले कई दिन से चल रहे सत्यापन में 17 बांग्लादेशी के पास पहचान पत्र नहीं पाए गए हैं। इसलिए उनको शांतिभंग की आशंका में चालान कर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। जांच में अगर इनकी गतिविधियां संदिग्ध पाई गई तो फिर वापस बांग्लादेश भेजा जाएगा।

शहर के लोहियानगर थाना क्षेत्र में लगभग आधा दर्जन स्थानों पर झुग्गी-झोपड़ी में बांग्लादेशी वर्षों से रहते आ रहे हैं। पहले ये जहां कमेले में कार्य करते थे, वहीं अब कचरा बीनने का कार्य करते हैं। कई तो बड़े कबाड़ी बन गए हैं। भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव और दोनों देशों की सेना के मध्य हो रही गोलीबारी के चलते पुलिस और खुफिया विभाग की नगर बांग्लादेशी पर गढ़ गई है।

इसके चलते एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा के निर्देश पर लोहियानगर थाना पुलिस ने बांग्लादेशी के सत्यापन का कार्य चला रखा है। लोहिया नगर थाना प्रभारी नेत्रपाल सिंह ने बताया कि क्षेत्र में काजीपुर, हापुड़ हाइवे, पीएसी 44वीं वाहिनी के पीछे तथा नरहेड़ा गांव के रास्ते पर झुग्गी झोपड़ी में रहे बांग्लादेशी के सत्यापन किया जा रहा है। अब तक 600 से अधिक बांग्लादेशी का सत्यापन किया जा चुका है। सत्यापन अभी चल रहा है। दूसरी ओर, एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि सत्यापन के दौरान 17 बांग्लादेशी ऐसे पाए गए जिनके पास जिनके पास पहचान पत्र नहीं थे। जांच अभी जारी है। अगर इनकी भूमिका संदिग्ध मिली तो फिर वापस बांग्लादेश भेजा जाएगा।

पहचान पत्र के बिना रह रहे संदिग्ध

मेरठ (जनवाणी): लोहिया नगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने अभियान चलाकर बांग्लादेशी का सत्यापन किया गया। जिसमें बांग्लादेशी और आसाम के संदिग्ध पाए गए। मोहम्मद उज्जव मंडल, नासिरुद्दीन,अब्दुल करीब, हशमत अली, मौहम्मद फीदुल इस्लाम, अकबर रहमान, दिलबर अली, मोहम्मद जावेद, फुलवर रहमान, मुरी जमाल, मोहम्मद अली, बिलाल हुसैन, अमजद अली, सलाम खान, सद्दम अली, यामीन अली तथा उस्मान प्रमुख हैं। इनमें एक बांग्लादेश और अन्य आसाम के हैं।

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