Saturday, March 7, 2026
- Advertisement -

पटना लौट रहे हैं लालू प्रसाद

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: करीब तीन साल बाद राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद आज (रविवार) पटना लौट रहे हैं। स्वास्थ्य में सुधार के बाद लालू यादव दिल्ली से दो बजे पटना हवाई अड्डा पहुंचेंगे। पटना हवाई अड्डे पर राजद कार्यकर्ता उनका स्वागत करेंगे।

कयास लगाया जा रहा है कि लालू यादव दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में प्रचार करेंगे। हालांकि, दो विधानसभा क्षेत्रों में हो रहे उपचुनाव के लिए प्रचार में जाने को लेकर संशय बना हुआ है। लालू यादव की तबीयत में सुधार तो जरूर है, लेकिन उनके आने के बाद डॉक्टरों की सलाह पर ही आगे का कार्यक्रम तय होगा।

चारा घोटाले मामले में रांची जेल में सजा काट रहे लालू यादव को इसी साल अप्रैल में जमानत मिली है।बीपी, शूगर समेत अन्य समस्याओं को लेकर उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा है, लेकिन पिछले कुछ समय से  उनकी सेहत में सुधार है। लालू यादव दिल्ली में बड़ी बेटी मीसा भारती के आवास पर रह रहे हैं। लालू प्रसाद पटना से 23 दिसम्बर 2017 को गए थे।

तेज प्रताप के विद्रोही तेवर से परेशान हैं लालू यादव

लालू प्रसाद के पटना आने का कार्यक्रम पहले से ही तय था। उन्हें 22 या 23 अक्टूबर को पटना आना था। 25 और 27 को वह कुशेश्वरस्थान और तारापुर में पार्टी प्रत्याशियों के लिए प्रचार कर सकते हैं।

पिछले दिनों  उनके आने का कार्यक्रम तय होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पटना पहुंच गई थीं, लेकिन इसी बीच में राबड़ी फिर दिल्ली लौट गईं।

जाते समय उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद की तबीयत ठीक नहीं है, अभी वह पटना नहीं आएंगे। जिसके बाद कयास लगाया जा रहा था कि तेजप्रताप के पार्टी के खिलाफ विद्रोही तेवर के कारण वह पटना नहीं आ रहे हैं।

राबड़ी देवी पटना आईं तो सबसे पहले तेजप्रताप के आवास पर ही गईं, लेकिन तेज उनसे मिले बिना ही घर से निकल गये। उसके दो दिन बाद ही राबड़ी देवी फिर दिल्ली लौट गईं।

लालू यादव के कड़े रुख से तेज प्रताप हुए नरम

पार्टी सूत्रों की मानें तो लालू यादव ने तेज प्रताप के बागी तेवर को देखते हुए कड़ी फटकार लगाई है, जिसके बाद तेज प्रताप नरम पड़े हैं। लालू यादव ने साफ कर दिया कि पार्टी में अनुशासनहिनता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लालू प्रसाद ने नाम लिए बगैर कहा कि जो पार्टी के खिलाफ काम करेगा उसे दल से बाहर जाना होगा।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

बच्चों को भी देना चाहिए सम्मान

सिद्धार्थ ताबिश मेरा बड़ा बेटा इस बात को सुनकर बड़ा...

युद्ध का सीजन बारहों महीना

जो युद्ध के कारोबारी हैं, उनका सीजन बारहों महीना...

मध्य पूर्व के सतत झगड़े के वैश्विक निहितार्थ

मध्यपूर्व जिसे भारत के संदर्भ में पश्चिमी एशिया कहा...

नीतीश युग का अवसान

बिहार की राजनीति लंबे समय से व्यक्तित्व-केन्द्रित और गठबंधन-आधारित...
spot_imgspot_img