जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: तेजस्वी यादव बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के छोटे बेटे हैं। इनका जन्म बिहार के गोपालगंज में नौ नवंबर 1989 को हुआ। बड़े राजनीतिक परिवार में जन्मे तेजस्वी ने केवल नौवीं तक पढ़ाई की है। घर में छोटा होने के चलते वह सबके लाडले भी हैं।
तेजस्वी यादव राजनीति में कदम रखने से पहले क्रिकेट खेलते थे। वह क्रिकेट में ही करियर बनाना चाहते थे। तेजस्वी झारखंड की तरफ से एक रणजी मैच भी खेले हैं। दिल्ली अंडर-19 टीम में तेजस्वी भारतीय कप्तान विराट कोहली के साथ थे। आईपीएल में भी उनका चयन हुआ था।
2008 में दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम ने उन्हें खरीदा था। हालांकि आईपीएल के दौरान उन्हें मैदान में खेलने का मौका कभी नहीं मिला है। जब तेजस्वी को लगा कि वह क्रिकेट में करियर नहीं बना पाएंगे तो उन्होंने 2012 में पिता की राजनीतिक विरासत संभाल ली। वह राजनीति में उतर आए। मतलब क्रिकेट के लिए ही तेजस्वी ने पढ़ाई नहीं की। जब खेल में कुछ खास नहीं कर पाए तो वह राजनीति में उतर आए।
यूं तो 2012 से तेजस्वी यादव अपने पिता के साथ चुनावी कार्यक्रमों में नजर आने लगे थे। लेकिन मई 2013 में आयोजित परिवर्तन रैली में तेजस्वी यादव की सियासी लॉन्चिंग हुई थी। लालू ने 2014 लोकसभा चुनाव को देखते हुए पटना के गांधी मैदान में विशाल परिवर्तन रैली का आयोजन किया था। पहली बार लालू यादव अपने दोनों बेटे तेज प्रताप और तेजस्वी को मंच पर लेकर आए थे। 2015 के विधानसभा चुनाव में तेजस्वी ने आरजेडी की पूरी कमान संभाल ली।
2015 विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव ने पहली बार राघेपुर सीट से चुनाव लड़ा। तब उनकी उम्र 26 साल थी। वह विधायक चुने गए। मुख्यमंत्री पद के दावेदार थे, लेकिन उस वक्त महागठबंधन के मुखिया नीतीश कुमार थे। इसलिए ज्यादा सीटें जीतने के बावजूद नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री बने। हालांकि, खुद डिप्टी सीएम बने।
तेजस्वी यादव पर कई घोटालों के आरोप हैं। बेनामी संपत्ति का भी आरोप लगा। इसके पहले वह आईआरसीटीसी होटल और जमीन घोटाले के मामले में पहले ही फंसे थे। इस मामले में सीबीआई की जांच चल रही है। डिप्टी सीएम रहते हुए सीबीआई ने तेजस्वी यादव से पूछताछ भी की थी। 2017 में एक के बाद एक तेजस्वी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने लगे तो नीतीश कुमार ने तेजस्वी को इस्तीफा देने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद 2017 में नीतीश ने राजद से गठबंधन तोड़कर फिर से भाजपा से हाथ मिला लिया और सरकार बना ली।
करोड़ों के मालिक हैं तेजस्वी
2020 विधानसभा चुनाव में दिए हलफनामे के मुताबिक, तेजस्वी यादव के पास चार करोड़ 73 लाख 20 हजार 61 रुपए की चल संपत्ति है। इसके अलावा तेजस्वी के नाम एक करोड़ 15 लाख 70 हजार रुपए की अचल संपत्ति भी है। तेजस्वी के पास 100 ग्राम सोने के गहने भी हैं। उन्होंने शेयर मार्केट में भी निवेश किया है।

