- शिकायतों के बाद भी यहां क्यों नहीं हो रही कार्रवाई?
- योगी सरकार के आदेशों की भी उड़ाई जा रही है नगर पंचायत में धज्जियां
जर्रार सैफी |
लावड़: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जीरो टोलरेंस की बात करते हैं, लेकिन सरकारी विभागों में किस कदर भ्रष्टाचार हैं, इसका जीता जागता उदाहरण है लावड़ नगर पंचायत। भ्रष्टाचार पर कोई लगाम नहीं हैं। अधिकारी व कर्मचारी निरकुंश हो गए हैं।
यह नगर पंचायत भ्रष्टाचार का अडड बन गई है। नगर पंचायत अधिकारियों के खिलाफ सभासद भ्रष्टाचार को लेकर लामबंद हो गए है, लेकिन उनकी लामबंदी भी इस नगर पंचायत में भ्रष्टाचार रोकने में नाकाम हो रही है।
शासन से लेकर जनपद के प्रशासनिक अधिकारियों तक नगर पंचायत के भ्रष्टाचार की शिकायत की जा चुकी है, लेकिन उसके बाद भी आज तक यहां कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सवाल यह उठता है कि आखिर नगर पंचायत के अधिकारियों पर किसका रसूख है?
जो उनके दबाव में इनके खिलाफ आज तक कार्रवाई नही हो रही है। क्षेत्र के कस्बे में जहां एक तरफ योगी सरकार स्वच्छ भारत की दुहाई दे रहे हैं तो वहीं पर नगर पंचायत अधिकारियों की उदासीनता के चलते योगी सरकार पर सवाल खड़े हो रहे।

इससे साफ यही जाहिर होता है, योगी सरकार भले ही कागजों पर आदेशों को देते देते थक जाए, लेकिन नगर पंचायत अधिकारी की मनमानी के आगे योगी सरकार की एक नहीं चलती। इसके चलते त्योहारों के मौके पर भी गांव की नालियों की सफाई न होना एक बहुत बड़ी बात है। जबकि ग्रामीणों ने गांव की नालियों की सफाई कराने के लिए कई बार नगर पंचायत के अधिकारियों से मौखिक रूप से कहा गया, लेकिन उनके कानों तक जनता की आवाज नहीं पहुंच सकी।
केस-एक
नगर पंचायत में कई साल पहले कूड़ा उठाने के लिए खरीदे गए ट्रैक्टर मिनी मेट्रो और जेसीबी बिना नंबर प्लेट के ही चल रही है। अधिकारियों को इसकी चिंता नहीं है। आम आदमी के चालान काटे जाते हैं, लेकिन पुलिस की नजर इन वाहनों पर आज तक नहीं पड़ी है।
केस-दो
नगर पंचायत द्वारा घर-घर कूड़ेदान रखे जाने के लिए पोर्टल से कूड़ेदान खरीदे थे। हाल ही में नगर पंचायत के सभासदों ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कार्यालय पर हंगामा भी किया था। इसके अलावा लिफ्टिंग मशीन में भी भ्रष्टाचार का आरोप है।
केस-तीन
नगर पंचायत द्वारा तालाबों की खुदाई कराई जा रही है। तालाबों की खुदाई और सफाई में भी भ्रष्टाचार दिखाई दे रहा है। ऐसे में सभी सभासदों ने लामबंद होकर नगर पंचायत कार्यालय पर भी हंगामा किया था। आरोप है कि ठेकेदार ने सिल्ट निकालकर काम को पूरा दिखा दिया है। मानक के अनुसार यह कार्य नही हुआ है। इसकी शिकायत भी आला अधिकारियों से की गई है।
केस-चार
नगर पंचायत द्वारा पुरानी लिफ्टिंग मशीन खरीदकर नई मशीन का भुगतान करने का मामला भी प्रकाश में आया है। इसके खिलाफ भी नगर पंचायत के सभासद लामबंद हो गए थे और कार्यालय पर हंगामा किया था।
नगर पंचायत के खाते कर दिए गए सीज
नगर पंचायत के खातों को शासन द्वारा सीज कर दिया गया है। बताया गया कि नगर पंचायत द्वारा टैक्स की चोरी की गई है। जिसके द्वारा इन खातों को शासन द्वारा सीज कर दिया गया है। खाते सीज करने का आदेश आते ही बैंकों द्वारा कार्रवाई कर दी गई है।
सस्पेंड, फिर भी कुर्सी पर क्यों काबिज है बाबू ?
नगर पंचायत लावड़ में असलम बाबू के पद पर कार्य कर रहा है हालांकि उसकी नियुक्ति सफाई कर्मचारी के रूप में हुई थी, लेकिन वह बाबू के पद पर नियुक्त कर दिया गया था। हाल ही में उस बाबू को कई मामलों में गड़बड़ी और अनियमिता की शिकायत पर सस्पेंड कर दिया गया था।
सस्पेंड होने के बाद भी यह बाबृू कुर्सी पर आज तक जमा है। शान-ए-शौकत से चलने वाला यह बाबू कई गाड़ियों का मालिक भी है। इसके अलावा यह बाबू नगर पंचायत हर्रा, खिवाई नगर पंचायत का भी काम देख रहा है। तीन नगर पंचायतों का यह बाबू सस्पेंड होने के बाद भी काम देख रहा है। आखिर इस बाबू पर किसका आशीर्वाद है। यह भी कौतूहल का विषय बना हुआ है।
नगर पंचायत में जो भी सामान खरीदे गए हैं। उनके बिल हमारे पास है। सभासदों द्वारा जो आरोप लगाए जा रहे हैं। वह बेबुनियाद है। नियम अनुसार नगर पंचायत में कार्य किया जा रहा है। -सुधीर सिंह, ईओ नगर पंचायत लावड़
नगर पंचायत में बाबू का कार्य देख रहे असलम की शिकायत मिली है कि वह उसकी जांच कराएंगे और जांच के बाद कार्रवाई कराई जाएगी। -अमित कुमार भारतीय, एसडीएम सरधना

