- वकीलों की बैठक में बेरोजगरों की लड़ाई नि:शुल्क लड़ने का निर्णय
जनवाणी संवाददाता |
बागपत: बुधवार को कचहरी परिसर में आयोजित वकीलों की बैठक में बढ़ती बेरोजगारी की समस्या पर विचार किया गया। वक्ताओं ने कहा कि देश में पिछल्ले 45 वर्षों में वर्तमान में बेरोजगारी चरम पर है और युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।
बैठक में सरकार से बेरोजगार युवकों को रोजगार दिलाने तथा तीनों अध्यादेश वापस लेने की मांग की गई और बेरोजगारों के हितों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतर कर लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए बार के पूर्व जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह तोमर ने कहा कि देश में पिछले 45 वर्षों में सबसे वर्तमान में सबसे अधिक बेरोजगारी बढ़ी है।
बेरोजगार युवक रोजगार के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं और सरकार आंखे बंद किए बैठी है। वकीलों ने युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और जारी तीनों अध्यादेश वापस लेने की सरकार से मांग की।
वकीलों ने जारी अध्यादेश आवश्यक वस्तु अधिनियम, मंडी एक्ट व अनुबंध खेती को जन विरोधी बताया। बैठक में निर्णय लिया गया कि बेरोजगारों के हितों की लड़ाई वकील सड़कों पर उतर कर लड़ेंगे और बेरोजगारों की कोर्ट में नि:शुल्क पैरवी करेंगे।
बैठक की अध्यक्षता मूलचंद एडवोकेट ने की। इस अवसर पर केपी सिंह, राजकुमार त्यागी, धर्मेंद्र काठा, सतेंद्र खोखर तथा राशिद तसलीम ने विचार व्यक्त किए। बैठक में इफ्ताखार हसन, राकेश धामा, संतोष कश्यप, शिमला करहाना, विजय तोमर, अमरपाल राणा, सचिन खोखर, कपिल पंवार, अनुज तोमर, विक्की शर्मा व विनेश तोमर आदि मौजूद थे।

