- दीपावली से पहले खाते में करें कैश बैक के स्वागत की तैयारी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: यदि सब कुछ ठीक रहा तो कोरोना संक्रमण के चलते लोन मोराटेरियम की अवधि के दौरान बैंकों की ओर से वसूला गया चक्रवृद्धि ब्याज आपके खाते में वापस आ सकता है। रिजर्व बैंक की ओर से इस प्रकार के संकेत मिले हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक ने सभी लोन देने वाली एजेंसियों जिसमें गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थान भी शामिल हैं इस आश्य के आदेश दिए हैं। ऐसी सभी एजेंसियों को रिजर्व बैंक ने एक मार्च से शुरू होने वाली छह माह की मोहलत की अवधि के लिए दो करोड़ रुपये तक के लोन पर ब्याज के ऊपर लगने वाले ब्याज को लौटाने के आदेश दिए हैं।
अगर आपने होम लोन, एजुकेशन लोन, पर्सनल लोन या फिर किसी भी तरह का लोन लिया है जो दो करोड़ रुपये से कम है और कोरोना संकट में उसका भुगतान किया है। ऐसे सभी वसूले गए ब्याज का पैसा दीपावाली से पहले आपके खाते में आ जाएगा।
माह मार्च से अगस्त के दौरान चुकाए गए चक्रवृद्धि ब्याज और सामान्य ब्याज का जो भी अंतर होगा। वह रकम बैंक खाते में लौटा देंगे। इसको कैश बैक भी कहा जा सकता है। मंगलवार को इसको लेकर की गयी घोषणा के बाद अब वो खाताधारक जिन्हें हर माह लोन की ईएमआई चुकानी पड़ती है। अब दीपावली से पूर्व कैश बैक के इंतजार में है।
खाताधारकों को भेजेंगे सूचना
इस संबंध में बैंक के शाखा प्रबंधक का कहना है कि आरबीआई के आदेशों की अधिकृत सूचना बैंक के प्रधान कार्यालय की मार्फत आती है। वहीं पर नीतिगत निर्णय लिया जाएगा। इसकी सूचना संबंधित खाताधारकों को मोबाइल संदेश के जरिये दी जाएगी। अभी प्रधान कार्यालय के आदेश की प्रतिक्षा है। जो भी रकम कैश बैक में आएगी खाते में सीधे ट्रांसफर कर दी जाएगी।
घोषणा का स्वागत
लॉकडाउन के अवधि के दौरान के चक्रवृद्धि ब्याज माफी का सभी ने स्वागत किया है। सबसे ज्यादा राहत मध्य वर्गीय श्रेणी के खाताधारक कर रहे हैं। आईआईए के अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल ने कहा है कि रिजर्व बैंक की घोषणा का स्वागत करते हैं। उनके संगठन की ओर से इस संबंध में केंद्र सरकार से आग्रह किया गया था।

