जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: देश की संसद का नया भवन वर्तमान परिसर में ही प्लॉट संख्या 118 पर अगले 21 महीने के अंदर तैयार होगा। नए संसद भवन के लिए रेल और परिवहन भवन को नहीं तोड़ा जाएगा।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि हमारा लक्ष्य आजादी के 75 साल पूरे होने पर सदन की कार्यवाही नए संसद भवन में ही चलाने का है।
स्पीकर ने बताया कि वर्तमान संसद भवन 8838 वर्ग मीटर में बना हुआ है। नई इमारत बनाने के लिए परिसर के अंदर ही 8822 वर्ग मीटर खाली जगह उपलब्ध है। ऐसे में नया भवन बनाने के लिए बाहर के किसी भवन को गिराए जाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
नए संसद भवन से इतर मानसून सत्र के आयोजन को लेकर स्पीकर ने संतोष जताया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान बेहद चुनौतीपूर्ण स्थिति में आयोजित मानसून सत्र में 164 फीसदी कार्य उत्पादकता रहना संतोषजनक बात है।
हालांकि सत्र की महज दस बैठकें ही आयोजित की गईं, पर इस दौरान 25 बिल पारित हुए। कृषि, महामारी बिल, कोरोना पर लंबी और सार्थक चर्चा हुई। शून्य काल में 370 मामले उठाए गए। इस दौरान 2300 अतारांकित प्रश्नों का जवाब दिया गया।
एक सवाल के जवाब में स्पीकर ने कहा कि सभी बिलों और मुद्दों पर विपक्ष को बोलने का भरपूर मौका दिया गया। विपक्ष को तय समय से ज्यादा अवसर दिए गए। कोरोना और कृषि बिलों पर अलग-अलग पांच घंटे से अधिक समय दिया गया।
इतना ही नहीं महामारी कानून संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान भी कोरोना पर तीन घंटे से अधिक चर्चा हुई। ऐसे में यह कहना उचित नहीं होगा कि बिल बिना चर्चा के पारित कराए गए।
ऐसा होगा नया संसद भवन
- 8822 वर्ग मीटर जगह में किया जाएगा निर्माण
- 1400 प्रतिनिधियों के बैठने की बनाई जाएगी जगह
- 1000 सीट भविष्य को ध्यान में रखकर लोकसभा की
- 400 सीट बनाई जाएंगी राज्यसभा सदस्यों के लिए

