नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। संगम की पवित्र रेती पर आस्था का सागर उमड़ पड़ा है। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर माघ मेला का शानदार आगाज़ हो चुका है। पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर्व पर लाखों श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। 44 दिनों तक चलने वाला यह ऐतिहासिक माघ मेला न सिर्फ एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह सनातन परंपरा, संस्कृति और सुरक्षा व्यवस्था का भी अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है। प्रशासन श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
12 लाख श्रद्धालुओं ने किया संगम में पवित्र स्नान
माघ मेला के पहले स्नान पर्व, पौष पूर्णिमा पर प्रयागराज में आस्था का विशाल सैलाब उमड़ पड़ा। दोपहर 12 बजे तक करीब 12 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र स्नान कर पुण्य अर्जित किया। वहीं वाराणसी के घाटों पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी, जहां लगभग 5 लाख लोगों ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों जैसे अयोध्या में ढाई लाख, मथुरा में एक लाख, फर्रुखाबाद और मिर्जापुर में 50-50 हजार, जबकि हापुड़ में 25 हजार श्रद्धालुओं ने पवित्र नदियों में स्नान किया।
दो नकली बाबाओं की गिरफ्तारी
माघ मेला के दौरान, पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व पर पुलिस ने दो नकली बाबाओं को गिरफ्तार किया। संगम तट पर संदिग्ध तरीके से घूम रहे इन दोनों बाबाओं पर पुलिस की नजर पड़ी और उन्हें हिरासत में लिया गया। पूछताछ में इन बाबाओं से फर्जी आधार कार्ड और नकली नोट बरामद किए गए हैं। पुलिस ने उनकी गतिविधियों की जांच शुरू कर दी है और यदि उनकी गतिविधियाँ संदिग्ध पाई जाती हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

