टिंडा के पास पहाड़ी इलाके में गिरा विमान, ब्लैक बॉक्स से खुलेगा रहस्य
जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: रूस के अमूर क्षेत्र में गुरुवार को एक भयावह विमान हादसा हुआ जिसमें सभी 49 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 5 बच्चे और 6 क्रू-मेंबर भी शामिल हैं। यह विमान ब्लागोवेशचेंस्क से टिंडा जा रहा था, जो कि रूस-चीन सीमा के पास स्थित है। हादसे की पुष्टि स्थानीय प्रशासन और बचाव एजेंसियों ने की है।
पहाड़ी इलाके में गिरा विमान, आग की लपटों में तब्दील हुआ
घटना तब हुई जब एएन-24 विमान निर्धारित लैंडिंग से कुछ समय पहले रडार से गायब हो गया। बताया गया है कि उड़ान के दौरान ही विमान में आग लग गई। उसके बाद वह टिंडा से करीब 16 किमी दूर एक सुदूर पहाड़ी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। रेस्क्यू हेलीकॉप्टर एमआई-8 ने जब जलते मलबे का पता लगाया तो मौके पर कोई भी जीवित नहीं मिला।
राहत कार्य में आ रही कठिनाइयां
अमूर सिविल डिफेंस एंड फायर सेफ्टी डिपार्टमेंट के मुताबिक, हादसा दुर्गम और खड़ी ढलान पर हुआ है, जिससे राहत और बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। यह क्षेत्र घने टैगा जंगलों और दलदली जमीन से घिरा हुआ है, जिससे बचाव दलों को घटनास्थल तक पहुंचने में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कोई ‘डिस्ट्रेस सिग्नल’ नहीं भेजा गया
चौंकाने वाली बात यह रही कि विमान ने क्रैश से पहले कोई भी आपातकालीन सिग्नल नहीं भेजा। इससे सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसकी कोई चेतावनी तक नहीं मिली।
दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश में था विमान
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विमान टिंडा एयरपोर्ट पर दूसरी बार उतरने का प्रयास कर रहा था। उसी दौरान रडार से संपर्क टूट गया।
घटना के बाद रोसावियात्सिया (रूसी विमानन प्राधिकरण) और कई बचाव दल मौके पर भेजे गए।
हादसे की जांच शुरू, ब्लैक बॉक्स की तलाश जारी
फार ईस्टर्न ट्रांसपोर्ट प्रॉसिक्यूटर ऑफिस के जांचकर्ताओं ने औपचारिक जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि ब्लैक बॉक्स मिलने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
विमान किस एयरलाइंस का था?
इस फ्लाइट को साइबेरिया की अंगारा एयरलाइंस संचालित कर रही थी। यह एयरलाइन क्षेत्रीय उड़ानों के लिए जानी जाती है और कई बार तकनीकी खामियों को लेकर चर्चा में रही है।
क्या कह रहे हैं स्थानीय अधिकारी?
अमूर क्षेत्र के गवर्नर वासिली ओरलोव ने शोक जताते हुए कहा, “हमने हादसे की गंभीरता को देखते हुए सभी आवश्यक संसाधनों और बलों को तैनात कर दिया है। पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी।”

