Friday, March 20, 2026
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12 अक्टूबर से शुरू होगी एमबीबीएस की परीक्षाएं

  • विवि ने जारी की केंद्रों की सूची
  • एमबीबीएस थर्ड प्रोफेशनल पार्ट वन और पार्ट टू सप्लीमेट्री की परीक्षा 12 अक्टूबर से शुरु

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: चौधरी चरण सिंह विवि से जुड़े मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की परीक्षा के लिए अब इंतजार खत्म हो गया है। इसकी परीक्षा कराने के लिए विवि प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। साथ ही प्रशासन ने इस परीक्षा में पूरी एतियात का भी ध्यान रखा है। इसके अलावा छात्रों को भी कोरोना संबंधित गाइडलाइन पालन करने के लिए निर्देशित किया है।

एमबीबीएस थर्ड प्रोफेशनल पार्ट वन और पार्ट टू सप्लीमेट्री की परीक्षा 12 अक्टूबर से शुरु हो रही है। इसके लिए मेरठ और सहारनपुर मंडल में पांच केंद्र बनाए गए हैं। एमएमएच कॉलेज गाजियाबाद, एसएमएमएच मेडिकल कॉलेज सहारनपुर, एसडी कॉलेज मुजफ्फरनगर, एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज मेरठ और एसएसवी कॉलेज हापुड़ को केंद्र बनाया गया है। विवि प्रशासन का कहना है कि इन केंद्रों पर एतिहात के लिए छात्रों को निर्देशित कर दिया गया है।

प्रवेश पत्र नहीं मिलने पर परीक्षा से वंचित हुए छात्र

मंगलवार को पौहल्ली गांव स्थित एक कॉलेज में प्रवेश पत्र नहीं मिलने के कारण कई छात्र बीएड की परीक्षा देने से वंचित रह गए। आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने छात्रवृत्ति नहीं आने की बात कहते हुए फीस जमा कराए बिना प्रवेश पत्र देने से इनकार कर दिया है। छात्रों ने मामले की शिकायत डीएम से करने की बात कही है।

शाहजहांपुर निवासी रीनू देवी ने बताया कि वह पौहल्ली स्थित कॉलेज में बीएड द्वितीय वर्ष की छात्रा है। उनके अलावा कई छात्र एससी कोटे से होने के चलते शिक्षा निशुल्क है। सरकार द्वारा उनके लिए छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। मंगलवार को उनकी परीक्षा होनी थी। वह कॉलेज पहुंचे और प्रवेश पत्र मांगा।

मगर, कर्मचारी ने फीस जमा करने की बात कही। कहा कि उनकी छात्रवृत्ति नहीं आई है। इसलिए प्रत्येक बच्चे को फीस के तौर पर 80 हजार रुपये जमा करने होंगे। अन्यथा उन्हें प्रवेश पत्र नहीं दिया जाएगा। काफी हंगामे के बाद भी छात्रों को प्रवेश पत्र नहीं मिल पाए। जिसके चलते काफी संख्या में छात्र परीक्षा देने से वंचित रह गए। छात्रों ने कॉलेज प्रशासक से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। छात्रों से बात करना भी गवारा नहीं समझा। हताश छात्रों ने मामले की शिकायत डीएम से करने की बात कही है।

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