- गंगानगर में जमीन पर कब्जा लेने के लिए पहुंची थी एमडीए की टीम
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: गंगानगर की जमीन पर शनिवार को मेरठ विकास प्राधिकरण की कब्जे की पूरी तैयारी थी, लेकिन मेरठ विकास प्राधिकरण को गंगानगर थाने से फोर्स उपलब्ध नहीं हो सकी, जिसके चलते प्राधिकरण इंजीनियरों और अधिकारियों की टीम वापस लौट गई। उधर, गंगानगर में किसानों ने भी विरोध करने के लिए मोर्चा संभाल रखा था। ऐसे हालात में किसानों और मेरठ विकास प्राधिकरण कर्मचारियों के बीच टकराव बनना लगभग तय था।
मेरठ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने पहले ही गंगानगर की जमीन पर कब्जा लेने के लिए एसएसपी से 25 जून के लिए फोर्स की मांग की थी। शनिवार की सुबह से ही मेरठ विकास प्राधिकरण के तमाम कर्मचारियों व इंजीनियर मेरठ प्राधिकरण कैंपस में एकत्र हुए तथा यहां से बुलडोजर और अन्य सामग्री के साथ गंगानगर के लिए रवानगी भरी। सुबह ही प्राधिकरण इंजीनियर गंगानगर थाने पर पहुंच गए थे, जहां से फोर्स की मांग की ।
कहा गया कि फोर्स उपलब्ध नहीं है, जिसके चलते प्राधिकरण का शनिवार को जमीन पर कब्जे को लेकर चलने वाला अभियान टल गया। उधर, किसानों की भीड़ जिस जमीन पर कब्जे लेने की प्रक्रिया चलनी थी, वहां पर एकत्र थी। किसान प्राधिकरण इंजीनियरों का विरोध करने के लिए अडिंग है। ऐसे हालात में टकराव होना लगभग तय माना जा रहा था। अब प्राधिकरण अधिकृत सूत्रों का कहना है कि सात जुलाई को फिर से कब्जा लेने के लिए फोर्स की मांग की गई है।
फिर कब्जे की प्रक्रिया अगले माह की जाएगी। पूरे दल-बल के साथ एमडीए के अधिकारी टीम लेकर कब्जा लेने के लिए पहुंचेंगे। कहा जा रहा है कि शताब्दीनगर, गंगानगर और वेदव्यासपुरी योजना के किसान एकजुट हो गए हैं। तीनों योजनाओं के किसान एक झंडे के नीचे आ गए हैं, जिसके बाद ही आंदोलन को और धार दी जा सकेगी।