- टीपीनगर क्षेत्र के मुल्ताननगर का है मामला, स्पोर्ट्स फैक्ट्री पर पहुंची थी मेडा की टीम
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: टीपी नगर क्षेत्र मुल्ताननगर स्थित एक स्पोर्ट्स फैक्ट्री में गुरुवार को मेडा की टीम सील की कार्रवाई करने पहुंची तो परिजनों ने धक्का-मुक्की कर दी। जिसके चलते फैक्ट्री पर आये एक वृद्ध की हार्ट अटैक से मौत हो गई। वृद्ध की मौत पर परिवार में हड़कंप मच गया। उधर वृद्ध की मौत के बाद मेडा टीम बिना कार्रवाई वापस लौट गई। मुल्तान नगर निवासी की शंकुतला की हिमांशु के नाम से स्पोर्ट्स फैक्ट्री है। फैक्ट्री में स्पोर्ट्स के सामान तैयार किये जाते हैं।
आबादी क्षेत्र में फैक्ट्री के संचालित होने पर कालोनी के लोगों ने मेडा को शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर मेडा ने उस पर विभागीय कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री को बंद करने का आदेश दिया था। जिसके चलते मेडा के जेई व अन्य कर्मचारी फैक्ट्री में सील की कार्रवाई करने गुरुवार दोपहर 12 बजे के आसपास पहुंचे। मेडा की टीम ने मुल्तान नगर में जब फैक्ट्री पर सील लगाने की कार्रवाई आरम्भ की तो फैक्ट्री मालिक और उनकी पत्नी शंकुतला व बच्चों ने विरोध कर दिया।
बताते हैं कि शंकुतला के पिता सुंदर लाल भी अपनी बेटी के यहां आये हुए थे। सील की कार्रवाई के दौरान परिवार के लोगों की मेडा टीम के साथ धक्का-मुक्की हो गई। जिसके चलते सुंदरलाल वहीं नीचे गिर गये। इस बीच सुंदरलाल नीचे गिरते ही बेहोश हो गए। उधर, परिवार के लोगों ने बेहोशी की हालत में सुंदरलाल को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। परिवार में वृद्ध सुन्दरलाल की मौत के बाद हड़कंप मच गया। उन्होंने थाना टीपी नगर पुलिस को तहरीर दी।

वहीं मेडा टीम वृद्ध की हालत देख वहां से खिसक गई। गाजियाबाद से आये मृतक के बेटे देवेन्द्र और अजय ने कार्रवाई करने से इनकार करते हुए तहरीर वापस ले ली। परिजन वृद्ध के शव को गाजियाबाद ले गये। थाना प्रभारी टीपी नगर जितेन्द्र सिंह का कहना कि वृÞद्ध की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। उनकी उम्र 65 वर्ष के आसपास थी। वहीं परिजनों से किसी प्रकार की कार्रवाई से इनकार कर दिया।
गन्ना ढुलाई वाहनों में रिफ्लेक्टर पट्टी-पेंट लगाने के निर्देश
मेरठ: गुरुवार को उप गन्ना आयुक्त राजेश मिश्र ने गन्ना भवन सभागार में परिक्षेत्र मेरठ के समस्त जिला गन्ना अधिकारी, अधिशासी-सहायक अभियंता (गन्ना), ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, सचिव सहकारी गन्ना, चीनी मिल समिति एवं अध्यासी, महाप्रबंधक (गन्ना) के साथ विभागीय मासिक बैठक की। उन्होंने गन्ना क्रय केन्द्र स्थापित करने, स्थापित गन्ना क्रय केन्द्रों पर स्वच्छ पेयजल इत्यादि की व्यवस्था किये जाने के निर्देश दिए।
उप गन्ना आयुक्त ने गन्ना ढुलाई में प्रयुक्त होने वाले वाहनों में रिफ्लेक्टर पट्टी, पेंट लगाये जाने, मिल गे, क्रय केन्द्रों पर समानुपातिक रूप से गन्ना खरीद किए जाने तथा गन्ना खरीद को समयान्तर्गत एसजीके पोर्टल पर फीड किये जाने को कहा। स्थापित पेराई क्षमता के अनुरूप पेराई किए जाने तथा मिलगेट/ क्रय केन्द्रों पर तैनात तौल लिपिकों के पाक्षिक स्थानान्तरण ईआरपी से किए जाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने बैठक में उपस्थित जिला गन्ना अधिकारी को मिलगेट/क्रय केन्द्रों के निरीक्षण किए जाने तथा निरीक्षण के समय स्थानान्तरित तौल लिपिकों के स्थानान्तरण के अनुसार तैनात होने तथा गले में पहचान पत्र पहने जाने की जांच किए जाने के निर्देश दिए गए।
उप गन्ना आयुक्त ने समस्त चीनी मिलों को वर्तमान पेराई सत्र 2023-24 के टैगिंग के अनुसार गन्ना मूल्य / अंशदान के भुगतान किए जाने तथा मिल मोहिउद्दीनपुर, सिम्भावली, ब्रजनाथपुर, मोदीनगर व मलकपुर को विगत पेराई सत्र 2022-23 का गन्ना मूल्य तत्काल शत-प्रतिशत कर वर्तमान पेराई सत्र का गन्ना मूल्य भुगतान भी टैगिंग के अन्तर्गत किए जाने के निर्देश दिए। जिला गन्ना अधिकारी से गन्ना मूल्य भुगतान की प्रतिदिन समीक्षा किये जाने की अपेक्षा की गई।
एक्सप्रेस-वे: पुलिस बेपरवाह, रॉग साइड दौड़ रहे वाहन, दुर्घटनाओं में इजाफा
मेरठ: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का हाल बेहाल हैं। पुलिस की लापरवाही के कारण प्रतिबंधित व अन्य वाहन रॉग साइड दौड़ते नजर आते हैं, जो हादसों को अंजाम दे रहे हैं। देखा गया है कि पिछले छह माह के दौरान दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर बेतरतीब दौड़ने वाले वाहनों के कारण कई बडेÞ हादसे हो चुके हैं। जिनमें कई जनहानि हो चुकी। परतापुर तिराहा स्थित इंटरचेंज पर छोटा साइन बोर्ड होने के कारण तथा पुलिस की तैनाती न होने के कारण एक्सप्रेस-वे पर प्रतिबंधित दोपहिया व तिपहिया वाहन लगातार दौड़ रहे हैं।
काशी टोल प्लाजा के पास टैÑफिक पुलिस तैनात रहती है, जोकि प्रतिबंधित वाहनों को दिल्ली की ओर जाने से रोकती है। कुछ प्रतिबंधित वाहन तेज रफ्तार निकल जाते हैं, जो दुर्घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। पिछले छह माह में दो बड़े हादसे बसों के साथ हो चुके हैं। जिसमें कई दर्जन लोग घायल हो गए थे। टोलप्लाजा के पास बड़े वाहनों के खड़े होने से भी हादसे हो रहे हैं। तीन माह पहले काशी टोलप्लाजा के पास खड़े ट्रक में घुसी कार में पांच लोगों की मौत हो गई थी। कई गाड़ियां एक-दूसरे को बचाने के फेर में 20 मीटर खाई में गिर चुके हैं।
इंटरचेंज पर तैनात हो पुलिस
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर हादसों को रोकने के लिए परतापुर तिराहे स्थित इंटरचेंज पर पुलिस तैनात होनी चाहिए, जो प्रतिबंधित वाहनों को एक्सप्रेस-वे पर जाने से रोक सके। इसके अलावा परतापुर तिराहा स्थित इंटरचेंज पर प्रतिबंधित वाहनों को इंगित करने वाला साइन बोर्ड बड़ा होना चाहिए। टोल अफसरों की मानें तो भोजपुर इंटरचेंज पर भी पुलिस तैनात होनी चाहिए।

