Friday, March 13, 2026
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मेरठ कॉलेज के विज्ञान विभाग में बढ़ी शोध की संभावना

  • स्नातक में कई छात्र कर रहे रिसर्च

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: वेस्ट यूपी के सबसे बड़े कालेज में विज्ञान स्नातक के छात्रों के लिए न केवल रिसर्च की संभावना बढ़ी हैं,वही स्कोलरशिप के लिए रास्ते भी खुल गए हैं। यही कारण है कि इस कॉलेज में विज्ञान स्नातक की मांग सबसे ज्यादा है।

बता दें कि कॉलेज के विज्ञान संकाय के पांच विभाग- बॉटनी, जूलॉजी, फिजिक्स, केमिस्ट्री तथा स्टैटिसटिक्स ने भारत सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग की स्टार कॉलेज स्कीम के तहत छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न योजनाओं को क्रियान्वित किया है।

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इन विभागों की बीएससी प्रयोगशाला में छात्रों को शॉर्ट टर्म रिसर्च प्रोजेक्ट्स भी कराए जा रहे हैं। अत्याधुनिक रिसर्च उपकरण जैसे थर्मोसाइकिलर- पीसीआर, एलाइजा रीडर, सोनिकेटर, बीओडी इनक्यूबेटर, प्लांट टिशु कल्चर सेटअप, मशरूम कल्टीवेशन चैंबर, ऑटोमेटेड कॉलम क्रोमेटोग्राफी तथा यूवी विजिबल स्पेक्ट्रोफोटोमीटर आदि की हैंडस-आन ट्रेनिंग छात्र छात्राओं को दी जा रही है।

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हर वर्ष अनेक छात्र- छात्राएं केंद्रीय विश्वविद्यालयों जैसे जेएनयू नई दिल्ली, दिल्ली विश्वविद्यालय, आईआईटी, एएमयू अलीगढ़ आदि में उच्च शिक्षा के लिए प्रवेश ले रहे हैं।

बीएससी के छात्र अपने रिसर्च प्रोजेक्ट पर आधारित शोध पत्र भी तैयार कर रहे हैं। वर्तमान में जेएनयू से एमएससी कर रही मेरठ कॉलेज की छात्रा रही कीर्ति त्यागी ने पिछले वर्ष बीएससी के दौरान किए गए प्रयोगों को रिसर्च आर्टिकल के रूप मेें तैयार कर रही है।

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एमएस यूनिवर्सिटी बडौदा से एमएससी बायोटेक्नोलॉजी कर रही मेरठ कॉलेज की पूर्व छात्रा अक्षिता सिंह भी अपने रिसर्च प्रोजेक्ट पर आधारित शोध पत्र पर कार्य कर रही है। इससे पूर्व भी मेरठ कॉलेज की छात्रा आकांक्षा त्यागी तथा छात्र अश्वनी कुमार ने उत्तर प्रदेश काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी की परीक्षा पास कर एमएससी के दौरान 40 हजार रुपए प्रति महा की स्कॉलरशिप प्राप्त की है।

छात्रों को उच्च प्रशिक्षण के लिए मेरठ कॉलेज मेरठ अपने छात्र छात्राओं को नेशनल लेबोरेटरी तथा आईआईटी जैसे उच्च संस्थानों में भी भेज रहा है। इसके अतिरिक्त मेरठ कॉलेज में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा प्रायोजित रिसर्च प्रोजेक्ट पर भी नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ प्लांट जिनोम रिसर्च, नई दिल्ली के कोलैबोरेशन में काम चल रहा है।

मेरठ कॉलेज के इन विभागों में काम कर रहे सीएसआर-यूजीसी नेट,जेआरएफ प्राप्त शोध छात्र भी बीएससी के छात्रों का एक्सपेरिमेंट करने में मार्गदर्शन कर रहे हैं।

कॉलेज प्राचार्य युद्धवीर सिंह ने मेरठ कॉलेज की आगामी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि कॉलेज के छात्रों की इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग के लिए विभिन्न संस्थानों तथा इंडस्ट्रीज से एमओयू किए जा रहे हैं। मेरठ कॉलेज बीएससी प्रयोगशालाओं के उन्नयन के लिए डीबीटी, भारत सरकार से एक करोड़ रुपए की ग्रांट प्राप्त करने वाला जनपद का प्रथम तथा एक मात्र कॉलेज है।

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