जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: मेक्सिको की सेना ने रविवार को देश के सबसे ताकतवर ड्रग कार्टेल सरगना और अमेरिका के सबसे वांछित अपराधियों में शामिल नेमेसियो ओसेगुएरा केरवेंटेस, उर्फ एल मेंचो, को मार गिराया। यह ऑपरेशन मेक्सिको सरकार के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। हालांकि, इस कार्रवाई के तुरंत बाद देश के कई हिस्सों में हिंसा भड़क उठी।
देशभर में आगजनी और गोलीबारी
एल मेंचो की मौत की खबर फैलते ही उसके गिरोह जेलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (JNGC) के सदस्यों ने कई राज्यों में हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया। करीब एक दर्जन राज्यों में गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया और मुख्य सड़कों पर अवरोध खड़े कर दिए गए। रिटेल स्टोर, सार्वजनिक परिवहन और सरकारी इमारतों को भी निशाना बनाया गया।
मेक्सिको के दूसरे सबसे बड़े शहर ग्वाडलाहारा में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। कई इलाकों में लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। सुरक्षा के मद्देनजर कई राज्यों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं और सुरक्षाबलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पड़ोसी देश ग्वाटेमाला ने भी मेक्सिको सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी है।
कौन था एल मेंचो?
- 59 वर्षीय नेमेसियो ओसेगुएरा पश्चिमी मेक्सिको के मिचोआकान प्रांत का रहने वाला था और पिछले तीन दशकों से संगठित अपराध की दुनिया में सक्रिय था।
- 1994 में अमेरिका में हेरोइन तस्करी के आरोप में उसे तीन साल की सजा हुई थी। जेल से रिहा होने के बाद वह मेक्सिको लौट आया और ड्रग तस्करी के नेटवर्क को तेजी से विस्तार दिया।
- करीब 2009 में उसने जेएनजीसी की स्थापना की, जो जल्द ही मेक्सिको का सबसे बड़ा और खतरनाक ड्रग कार्टेल बन गया। यह गिरोह अमेरिका तक कोकीन, मेथामफेटामाइन और फेंटेनिल की तस्करी में शामिल रहा।
- 2015 में जालिस्को में मेक्सिको की सेना के हेलीकॉप्टर को गिराने की घटना और मेक्सिको सिटी के तत्कालीन पुलिस प्रमुख पर हमले की साजिश ने इस कार्टेल को अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया।
अमेरिका–मेक्सिको संबंधों पर असर
- ओसेगुएरा अमेरिका में कई मामलों में वांछित था। अमेरिकी विदेश विभाग ने उसकी गिरफ्तारी पर 1.5 करोड़ डॉलर का इनाम घोषित किया था।
- पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने जेएनजीसी को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया था और मेक्सिको पर सख्त कार्रवाई का दबाव बनाया था।
- अमेरिकी विदेश उपमंत्री क्रिस्टोफर लैंडो ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि “अच्छी ताकतें बुरी ताकतों से मजबूत हैं।”
- पूर्व डीईए अधिकारी माइक विजिल के अनुसार, यह ऑपरेशन अमेरिका को स्पष्ट संदेश देता है कि मेक्सिको सरकार शक्तिशाली कार्टेल के खिलाफ निर्णायक कदम उठाने में सक्षम है।
- विशेषज्ञों का मानना है कि एल मेंचो की मौत से दोनों देशों के सुरक्षा सहयोग को मजबूती मिल सकती है।
अब कौन संभालेगा कमान?
एल मेंचो की मौत के बाद जेएनजीसी की कमान किसके हाथ में जाएगी, यह बड़ा सवाल है। यह कार्टेल मेक्सिको के 32 में से कम से कम 21 राज्यों में सक्रिय है और अमेरिका के कई हिस्सों तक इसका नेटवर्क फैला हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एल मेंचो पूरे संगठन पर मजबूत पकड़ रखता था। उसकी गैरमौजूदगी में कार्टेल की गतिविधियां कुछ समय के लिए कमजोर पड़ सकती हैं, लेकिन सत्ता संघर्ष के चलते हिंसा और बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। मेक्सिको फिलहाल सतर्क है और सुरक्षा एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

